मृत्यु के बाद संक्रमण की पुष्टि का यह दूसरा मामला

20 April 2020, Monday

(कानपुर नगर/VMN) अगर समय से नहीं जागे तो कोरोना मेडिकल रिपोर्ट आने का भी समय नहीं देता है और जीवन लीला समाप्त कर देता है। ऐसे ही दो मामले कानपुर नगर में आए हैं। पहला मामला 13 अप्रैल को कर्नलगंज निवासी एक रेडीमेड व्यापारी की संदिग्ध संक्रमित के चलते मौत और रिपोर्ट 14 अप्रैल को आई। ऐसा ही एक और मामला रोशन नगर निवासी  52 वर्षीय संदिग्ध संक्रमित व्यक्ति का है। इसको सांस लेने में दिक्कत थी। कोरोना के लक्षण दिखने पर उसका सैंपल लेकर कोविड हॉस्पिटल में भर्ती कर इलाज किया जा रहा था। उसे बुखार के साथ निमोनिया भी था। यह भर्ती तो गंभीर हालत में 19 अप्रैल को हुआ और 20 अप्रैल की सुबह 4:00 बजे उसकी मौत हो गई। उसको कोरोना संक्रमित का अंदेशा लगाते हुए कोरोना प्रोटोकॉल के अनुसार अंतिम संस्कार कर दिया गया। 20 अप्रैल देर शाम जब उसकी रिपोर्ट आई तो मालूम हुआ कि वह कोरोना पॉजिटिव था। रविवार को हुई मौत और अंतिम संस्कार के बाद  सोमवार देर शाम को आई रिपोर्ट के संबंध में कानपुर नगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अशोक कुमार शुक्ला ने अवगत कराते हुए बताया कि रावतपुर रोशन नगर निवासी व्यक्ति जिसकी कि रविवार सुबह मौत हो गई थी उसकी प्राप्त रिपोर्ट में कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। 

-:चेतावनी:-

इस खबर में यह बताने की कोशिश की गई है कि अगर कहीं  जाने अनजाने में आप संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने के चलते अपने आप को अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं तो अपनी बीमारी को छिपाने की अपेक्षा निकटतम स्वास्थ्य केंद्र या अपने शहर की सक्षम अधिकारी को इससे अवश्य अवगत कराएं ताकि  आपकी समय पर जांच हो सके और आपके जीवन को सुरक्षित रखा जा सके। अगर यह लोग भी समय रहते पहुंच गए होते तो शायद इनका जीवन भी बच सकता था। यह भी बताते चलें कि जिस कर्नलगंज निवासी रेडीमेड व्यापारी की मौत हुई है वह गंभीर हालत में 12 अप्रैल को हैलट  के कोविड-19 वार्ड में दिखाने पहुंचा था और उसकी गंभीर हालत देखते हुए भर्ती कर इलाज प्रारंभ कर दिया गया था। इससे पहले वह कई दिनों तक चुन्नीगंज स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती रहकर इलाज करा रहा था। जब हालत बिगड़ी तो आनन-फानन में वहां के डॉक्टर उसको हैलट के लिए रेफर कर दिया। जब इसकी मृत्यु के बाद उसके कोरोना पॉजिटिव होने का खुलासा हुआ तो जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निजी हॉस्पिटल में पहुंचकर उसको सील कर दिया और भर्ती रहने के दौरान व्यापारी के संपर्क में आए निजी हॉस्पिटल के समस्त स्टाफ को क्वॉरेंटाइन  कर दिया गया है। जांच कराने से जीवन बचने की पूरी संभावना है अन्यथा अंतिम समय पर या उसके बाद आई जांच रिपोर्ट……

खबर का उद्देश्य डराना नहीं बल्कि सचेत करना और सजग करना है ताकि देशवासी सुरक्षित रह सकें।

घर पर रहें और सुरक्षित रहें। 

सरकार के निर्देशों का पालन करें।