•  तमाम रिसर्च के बाद LU के एक प्रोफेसर ने दी सलाह 
  • भीड़ भाड़ वाली जगहों में जाने से बचें, पार्टी आदि न करें
  • फिलहाल दुनिया में इसकी नहीं है कोई सटीक दवा 

23 April 2020, Thursday 

(लखनऊ/VMN) अगर कुछ दिनों बाद लॉक डाउन खुल भी जाता है तो भी भीड़भाड़ वाली जगहों मसलन मॉल, सिनेमा घर आदि में जाने से बचें और पार्टी आदि न करें। कम से कम दो साल तक खुद को घर में लॉक करके रखें। बहुत ही ज़रूरी काम के लिए बाहर निकलें। तब भी सामाजिक दूरी लोगों से बनाए रखें। मास्क का इस्तेमाल करते रहें और कोशिश करें कि कोई भी घरेलु अवश्यक वस्तु को खरीदने के लिए बाजार जाएं तो उन सभी नियमों का पालन करते रहें जो आज कर रहें हैं। ऐसा कम से कम दो साल तक ज़रूर करना होगा। तभी पूरी तरह से देश कोरोना वायरस से संक्रमण मुक्त हो सकेगा। यह सलाह 19 अप्रैल को लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित वेबिनार में जीव रसायन विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सुधीर मेहरोत्रा ने स्टूडेंट्स को दी। 

इस मौके पर उन्होंने बताया कि अगर लॉक डाउन सही समय पर नहीं होता तो आज कम से कम 8.2 लाख लोग संक्रमित हो चुके होते और 15 हज़ार से ज़ादा मौतें हो चुकी होतीं। यहां आपको बताते चलें कि प्रोफेसर मेहरोत्रा गत 20 सालों से तमाम बीमारियों पर रिसर्च कार्य कर रहें हैं। कोरोना संक्रमण पर भी उनका कार्य जारी है। वेबिनार के मौके पर उन्होंने कोरोना के लक्षण और बचाव के उपाय बताए। इस मौके पर स्टूडेंट्स ने कोरोना वायरस पर कई सवालों पूछ कर नी जिज्ञासा शांत की और भ्रम दूर किये। 

वायरस से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी… 

  • प्रो मेहरोत्रा ने बताया कि वायरस जिसे हिंदी में विषाणु कहते हैं, ज़ब मानव कोशिका में प्रवेश करता है तभी सक्रिय अर्थात जीवित होता है। कोशिका से बाहर यह बिल्कुल निर्जीव है। इसीलिए ज़ब भी कोई चीज़ टच करें तो हाथ 20 सेकेंड तक साबुन से ज़रूर धोयें। 

  • कोरोना वायरस हवा में 2 से 3 घंटा रहता है। इसलिए मास्क ज़रूर पहनें। खांसते, छींकते वक़्त रूमाल ज़रूर लगाए मुँह पर। कम से कम लोगों से एक मीटर कि दूरी बना कर रखें। ऐसा करने से संक्रमित व्यक्ति का भी प्रभाव नहीं पड़ेगा। 

  • अगर हाथ बार-बार धोते रहते हैं तो खतरा कम होगा क्योंकि अगर वायरस हाथ में चिपका है और उस हाथ से आपने मुंह, नाक आदि टच नहीं किया और समय रहते हाथ साबुन से धो डाला तो संक्रमण नहीं होगा। क्योंकि ज़ब तक यह कोशिका के संपर्क में नहीं आएगा तब तक जीवित नहीं होगा। 

  • वारयस प्रोटीन, न्यूक्लिक अम्ल और लिपिड से मिलकर बनता है इसीलिए जिस सेनेटाइजर में 60 से 70 प्रतिशत अल्कोहल (इथेनॉल या आइसोप्रोपाइल अल्कोहल ) हो उसका ही इस्तेमाल करें। यह गाइड लाइन WHO ने जारी की है। 

  • जिन चीज़ों को बार बार टच करते हैं जैसे मोबाइल, कम्प्यूटर,  दरवाजे के हैंडल आदि उनको बार-बार साबुन अथवा सेनेटाइजर से साफ करें। 

  • 5 से 14 दिन लगते हैं कोरोना वयरस के लक्षण पहचानने में। अगर किसी को बुखार या खांसी आदि है तो बगैर टेस्ट के यह नहीं कहा जा सकता कि वह covid-19 से संक्रमित है। कोई दवा भी डॉक्टर की सलाह के बगैर न लें। 

ये हैं कोरोना वायरस के लक्षण 

तेज़ बुखार, सूखी खांसी, सांस लेने में दिक्कत, बदन दर्द, ठण्ड लगना, थकान, निमोनिया के लक्षण आदि। 

ये रखें खास ख्याल 

2 साल से कम उम्र के बच्चों, 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों का और जिनको पुरानी बीमारी जैसे शुगर, हार्ट, अस्थमा आदि हो उनका खास ख्याल रखें। क्योंकि इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। ऐसे में वायरस जल्दी प्रहार करता है। इसका पूरी दुनिया में फिलहाल कोई इलाज नहीं। बस बचाव ही एकमात्र उपाय है।