• स्पेस क्लब स्थापित करने की घोषणा 

(प्रयागराज/VMN) भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक माने जाने वाले डॉ. विक्रम साराभाई   के जन्म शताब्दी अवसर पर प्रयागराज में चल रहे चार दिवसीय कार्यक्रम के तीसरे दिन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। इस दौरान बच्चों ने विज्ञान के क्षेत्र में अपनी रुचि को व्यापकता दी तो दूसरी ओर भारतीय अनुसन्धान संगठन (इसरो ) के वरिष्ठ वैज्ञानिकों का साथ ही बच्चों को खूब भाया। इस दौरान न केवल विद्यार्थी बल्कि आम जनमानस भी इसरो की उपलब्धियों से रूबरू हुए। अंतरिक्ष प्रदर्शनी, सेल्फी प्वाइंट, स्पेस सूट आदि आकर्षण का केंद्र रहे। विभिन्न विषयों पर आयोजित प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।   कार्यक्रम का आयोजन इसरो दूरमति,  अनुवर्तन एवं आदेश संचार जाल लखनऊ एवं भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान देहरादून के संयुक्त तत्वाधान में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद देवघाट झलवा प्रयागराज उत्तर प्रदेश में किया जा रहा है। चार दिवसीय कार्यक्रम का समापन 9 फरवरी को होगा। कार्यक्रम के तीसरे दिन विद्यार्थियों को पुरस्कृत करते हुए इसरो के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ एसके पांडे ने डॉक्टर साराभाई के जीवन का वर्णन किया। किसी के साथ उन्होंने विद्यार्थियों की हौसला अफजाई भी की। उन्होंने कहा की विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रति इसी तरह रुचि बरकरार रखनी होगी। शनिवार को आयोजित हुई प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने व्योम मित्र पर रंगोली बनाई जो कि इसरो और विक्रम साराभाई से प्रभावित दिखी। इस प्रतियोगिता में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर करीब 100 विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। आईआईआईटी इलाहाबाद के रजिस्ट्रार सिरसू वर्मा, डीजीएम आई एस टीआरएसी लखनऊ, इसरो वैज्ञानिक एस के पांडे ने विजेताओं को पुरस्कृत किया। इस मौके पर महर्षी पतंजलि विद्या मंदिर में एक स्पेस क्लब स्थापित करने की घोषणा की गई। इसरो के वरिष्ठ वैज्ञानिक एस के पांडे 9 फरवरी को स्कूल की लैब में इसरो और आईआईआईटी इलाहाबाद के प्रशासन के समक्ष इस स्पेस क्लब की स्थापना करेंगे। इस स्पेस क्लब के माध्यम से विद्यार्थियों को विज्ञान के सिद्धांतों को प्रायोगिक तरीके से बताया जाएगा।