• छात्रों के साथ निरन्तर संवाद बनाये रखें: राज्यपाल
  • राजभवन की वेबसाइट में दो माड्यूलों को जोड़ने का शुभारम्भ

(लखनऊ/VMN) विश्वविद्यालयों के राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) से मूल्यांकन कराने हेतु राजभवन में आयोजित दो दिवसीय बैठक में आठ कुलपतियों ने अपने विश्वविद्यालयों के नैक मूल्यांकन के संबंध में की गयी तैयारियों का प्रस्तुतिकरण दिया।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति राज्य विश्वविद्यालय आनंदीबेन पटेल ने प्रदेश की उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिये विश्वविद्यालयों के नैक मूल्यांकन को आवश्यक माना है।राज्यपाल ने अपने सम्बोधन में कहा कि विश्वविद्यालयों को नैक मूल्यांकन में ए$$ लाना है तथा इसके लिये मानक के अनुसार सभी आवश्यक कदम उठाते हुए अपना प्रस्तुतिकरण तैयार करें तथा इसमें किसी तरह की कोताही न बरती जाये।उन्होंने कहा कि कि कुलपति अपने छात्रों के साथ निरन्तर संवाद बनाये रखें जिससे विश्वविद्यालय में शैक्षणिक वातावरण बना रहे तथा पठन-पाठन में गुणात्मक सुधार हो।राज्यपाल ने कहा कि समाज, गैर सरकारी संगठन और विश्वविद्यालय आपस में कैसे जुड़े, इस पर विश्वविद्यालयों को विचार करना चाहिए। विश्वविद्यालय समाज की समस्याओं को हल करने में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। इसके लिये विश्वविद्यालय छात्रों को स्थानीय आवश्यकताओं एवं समस्याओं के अनुरूप प्रोजेक्ट बनाकर उन्हें कार्य आवंटित कर उनसे फीड बैक प्राप्त करें। विश्वविद्यालय अपने संसाधनों के अधिकतम उपयोग हेतु छात्र-छात्राओं के साथ-साथ समाज के लोगों को भी सहभागी बनायें। इससे पूर्व राज्यपाल ने राजभवन की वेबसाइट में दो माड्यूलों को जोड़ने का शुभारम्भ किया। वेबसाइट में नये जुड़ने वाले माड्यूलों के माध्यम से कुलपति एवं निदेशक के अवकाश तथा कुलपति एवं निदेशक के पद हेतु आवेदन की प्रक्रिया को आनलाइन किया गया है। बैठक में राज्यमंत्री उच्च शिक्षा नीलिमा कटियार, अपर मुख्य सचिव राज्यपाल हेमन्त राव, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा आर रमेश कुमार, विशेष सचिव डाॅ अशोक चन्द्र, विशेष कार्याधिकारी उच्च शिक्षा केयूर सम्पत, विषय विशेषज्ञ प्रमिला मैनी, कुलपति लखनऊ विश्वविद्यालय प्रो आलोक कुमार राय, कुलपति डाॅ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय प्रो मनोज दीक्षित, कुलपति दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रो विजय कृष्ण, कुलपति डाॅ शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय प्रो राणा कृष्ण पाल सिंह, कुलपति उत्तर प्रदेश राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय प्रो0 कामेश्वर नाथ सिंह, कुलपति छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय प्रो0 नीलिमा गुप्ता, कुलपति सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय प्रो0 राजाराम शुक्ला, कुलपति ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती उर्दू, अरबी-फारसी विश्वविद्यालय प्रो0 माहरूख मिर्जा के अलावा अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।