पिछली सरकारों में परीक्षा व्यवस्था बन गई थी व्यवसाय 

यूपी की वर्तमान सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में लाये क्रान्तिकारी बदलाव

(लखनऊ/VMN) उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार आ रहा है। पिछली गैर भाजपा सरकारों के समय में प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था खस्ताहाल हो गई थी। परीक्षा व्यवस्था व्यवसाय बन गई थी और लाखों रुपए में परीक्षा केन्द्र बिकने की चर्चा होती थीं लेकिन अब नकल माफिया विलुप्त होने के कगार पर पहुंच गए हैं। वर्तमान सरकार ने उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव किये हैं। यह बात उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने वन्देमातरम न्यूज़ पोर्टल से खास बातचीत में कही उन्होंने कहा कि समय के बदलाव के साथ ही देश व प्रदेश की स्थितियां भी बदली हैं। केन्द्र सरकार जहां देश में नई शिक्षा नीति लाने जा रही है वहीं प्रदेश में सरकार ने प्रयास किया है कि गुणवत्ता परक शिक्षा हो तनावमुक्त विद्यार्थी हों, नकल विहीन परीक्षा हो तथा सुखी मन शिक्षक हों। आज प्रदेश में शान्तिपूर्ण तरह से नकलविहीन परीक्षाएं सम्पादित हो रही हैं। नकल माफिया के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि आज दूसरे प्रदेश से आकर परीक्षा देने वालों की संख्या कम हुई है। परीक्षा छोडने वालों की सख्या में भी कमी आ रही है। नकल करने वालों को समझ में आ चुका है कि पढेंगे तभी आगे बढ पाएंगे। सरकार की सख्ती के कारण ही आज नकल माफिया की दाल नहीं गल पा रही है और वे अब विलुप्त होते जा रहे हैं।  उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में क्रान्तिकारी बदलाव आया है। भाजपा की सरकार के पहले की सरकारों में शिक्षा व्यवस्था का बुरा हाल था। परीक्षा केन्द्रों में खुलेआम नकल होती थी। परीक्षा एक व्यवसाय बनकर रह गई थी । उन्होंने एक वाक्या की चर्चा करते हुए कहा कि 2017 में भाजपा की सरकार बनने के बाद जब वह शिक्षा मंत्री थे तो पहली बार परीक्षा केन्द्र का निरीक्षण करने एक कालेज पहुंचे, वहाँ उन्होंने कालेज से बाहर जाती एक वैन देखकर पूछा कि यह क्या लेकर जा रही है। इस सवाल का जवाब मिला कि इसमें जो नकल की समग्री पकडी गई है वह ले जाई जा रही है। यह जवाब प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की असल स्थिति को दर्शा रहा था। उस समय में नकल के लिए हर हथकंडा अपनाया जाता था। डा शर्मा ने कहा कि सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री ने सबसे पहले कहा था कि पठन पाठन में शुचिता लानी है। आज यूपी बदल रहा है और साथ में शिक्षा के क्षेत्र में भी बडे बदलाव आ रहे हैं।  अब भाजपा सरकार के आने के बाद परीक्षाएं नकलविहीन हो रही है। परीक्षा केन्द्र का निर्धारण आनलाइन कर दिया गया है। 

ऑनलाइन निगरानी…..

उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने बताया की पूरे प्रदेश में इस बार एक लाख 90 हजार सीसीटी कैमरे लगे हैं जो अपने आप में एक विश्व रिकार्ड है। दुनिया के सबसे बडे बोर्ड की परीक्षा में 1 लाख 88 हजार कक्ष निरीक्षक परीक्षा करा रहे हैं।  करीब 94 हजार कमरों में 56 लाख से अधिक परीक्षार्थी 10वीं और 12वीं की परीक्षा दे रहे हैं। इस बार मात्र 7784 परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षा हो रही है जबकि 2017 के पूर्व 13 हजार से अधिक परीक्षा केन्द्र पर परीक्षा होती थी। पूर्व की सरकारों में दो महीने चलने वाली परीक्षाएं इस बार मात्र 12 से 15 दिन में समाप्त हो जाएंगी  यह भी एक रिकार्ड है।  

पहले स्कूल साल के सात महीने रहते थे बंद… 

उपमुख्यमंत्री ने जानकारी देते हुए बताया की पहले हाल यह था कि स्कूलों में  अवकाश की संख्या इतनी होती थी कि साल में 7 माह शिक्षण कार्य ही नहीं होता था। मात्र चार पांच  माह में कोर्स समाप्त किया जाता था। वर्तमान सरकार ने इन अवकाशों की संख्या को कम किया है। अब सत्र के पहले दिन ही शैक्षिक पंचाग जारी कर यह तय कर दिया जाता है कि किस दिन क्या पढाया जाएगा। इस बार पहले दिन ही परीक्षा की तिथि भी बता दी गई थी। साल में 220 दिन शिक्षण की व्यवस्था की गई है। यह  माना गया है कि इतने अध्ययन के बाद विद्यार्थी नकल नहीं करेंगे।

24 अप्रैल तक रिज़ल्ट हो जायेगा जारी…. 

उपमुख्यमंत्री ने दावा करते हुए कहा की इस बार 24 अप्रैल तक परीक्षा परिणाम भी जारी कर दिया जाएगा। 

पहले किताबों के वसूले जाते थे मनमाने दाम…. 

डॉ शर्मा ने कहा की पिछली सरकारों ने प्रदेश में  शिक्षा की जो दुर्दशा कर रखी थी उसका दूसरा बडा उदाहरण यह था कि एक ही विषय की हर जिले में अलग लेखक की किताब चलती थी और वह मनमाने दाम पर बिकती थी। सरकार ने इस पर अंकुश के लिए सबसे पहले पाठ्यक्रम में बदलाव किया और एनसीईआरटी का  पाठ्यक्रम लागू करने के साथ ही एनसीईआरटी की पुस्तके भी लागू की और प्रदेश में यह पुस्तके देशभर में सबसे कम दाम पर उपलब्ध कराई हैं। यह पारदर्शी व्यवस्था का परिणाम है। उत्तर प्रदेश में देश के प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में शिक्षा क्षेत्र में आए बदलाव के बाद हर कार्य समय पर हो रहा है। जबसे केन्द्र सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय की बागडोर को डा रमेश पोखरियाल निशंक  ने संभाला है शिक्षा व्यवस्था में सुधार शुचिता और पारदर्शिता लाने के प्रयास हुए हैं। यूपी के मुख्यमंत्री ने भी शिक्षा क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया है। प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव आएं हैं। शोध कार्य पर विशेष बल दिया गया है।

 

सेंध….

  1. 20 फरवरी को हुईं भौतिक विज्ञान विषय की इंटर की परीक्षा में मऊ में पहले से ही हल प्रश्नपत्र बिके।
  2. इसी तरह बलिया के नगरा में भी हल प्रश्नपत्र बिकने की जानकारी सामने आई।
  3. गाजीपुर से भी एसटीएफ ने घर से इंटर की 21 कॉपी जमा करने ले जाते हुए प्रधानाचार्य व लिपिक को गिरफ्तार किया।
  4. मऊ में नकल की टिप्स देने वाला गिरफ्तार बाद में जमानत पे रिहा।
  5. आज़मगढ़ में परीक्षा में नक़ल करने को लेकर परीक्षार्थियों से वसूली की बात सामने आई।
  6. आगरा के सैया में परीक्षार्थी की जगह  कोई और प्रश्नपत्र हल करता पकड़ा गया।
  7. 22 फ़रवरी को हाई स्कूल की अंग्रेजी की परीक्षा में भी सेंध लगी. बलिया जिले के नगरा, रसड़ा, भीमपुर, चिलकहर आदि कई क्षेत्रों में परीक्षा से पहले ही हल प्रश्न पत्र वाट्सअप पे वायरल हो गया।