• एकेटीयू की सौर ऊर्जा  प्रणाली नियंत्रित करेगी कार्बन उत्सर्जन
  • एकेटीयू से सम्बद्ध संस्थानों से  प्राथमिक विद्यालय गोद लेने की अपील

(लखनऊ/VMN) ई-कंसोर्टियम की सुविधा छात्र-छात्राओं को एक रुपये रोज के शुल्क पर प्राप्त हो सकेगी। ई-कंसोर्टियम के रुपये सात सौ प्रति वर्ष के शुल्क को घटा कर 365 रुपये प्रतिवर्ष  ही देनी पड़ेगी। यह जानकारी डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि में बुधवार को ई-कंसोर्टियम एवं सौर्य ऊर्जा प्रणाली के लोकार्पण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहते हुए प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमल रानी ने दी। उन्होंने कहा कि जब वह सांसद थीं तब तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने उन्हें अमेरिका का दौरा करने का मौका प्रदान किया था। अमेरिका में प्रवास के दौरान उन्हें कई विश्वविद्यालय/संस्थानों में जाने का मौका मिला था। उस दौरान उन्हें ई-कंसोर्टियम जैसे साहित्य भंडार के विषय में जानकारी प्राप्त हुयी थी। प्रदेश में बतौर प्राविधिक शिक्षा मंत्री बनने पर उन्होंने ई-कंसोर्टियम को शुरू करने की पहल की। उन्होंने कहा कि विवि के कुलपति प्रो विनय कुमार पाठक एवं उनकी टीम द्वारा ई-कंसोर्टियम की शुरुआत करने के लिए उकृष्ट कार्य किया गया है। 

प्राविधिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि विवि द्वारा स्थापित की गयी सौर्य ऊर्जा प्रणाली से दो मेगावाट बिजली उत्पादन होगा। एक यूनिट बिजली पैदा करने के लिए 1 किलो कोयला जितनी कार्बनडाई ऑक्साइड उत्सर्जित होती है। विवि प्रतिवर्ष 7 लाख यूनिट बिजली सौर्य ऊर्जा प्रणाली के माध्यम से उत्सर्जित करेगा, जिससे प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलगी। प्राविधिक शिक्षा मंत्री ने विवि के सभी सम्बद्ध संस्थान से अपील की कि वह कम से कम एक-एक प्राथमिक विद्यालय गोद लें, जिससे ग्रामीण अंचलों के प्राथमिक विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुनिश्चितता की जा सके। उन्होंने कहा कि विवि के सम्बद्ध संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं प्राथमिक विद्यालयों में सप्ताह में एक बार जाकर अध्यापन का कार्य करें।

प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा एस राधा चौहान ने कहा कि विवि द्वारा शुरू किया गया ई-कंसोर्टियम सुविधा सम्बद्ध छात्र-छात्राओं को पूरे विश्व में हो रहे शोध से अवगत होने सरलतम माध्यम प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि विश्व में तमाम देशों के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में अध्ययन कर रहे छात्र-छात्राएं हमारे छात्र-छात्राओं से बेहतर नहीं हैं बस उनके पास सुविधाएँ अधिक हैं। इस क्रम में उन्होंने कहा ई-कंसोर्टियम छात्र-छात्राओं को ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर इक्वलिटी प्रदान करेगा।

विवि के कुलपति प्रो विनय कुमार पाठक ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि पूर्व में विवि के शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं को विश्व के प्रतिष्ठित जर्नल्स से शोध पत्र प्राप्त करने के लिए आईआईटी जैसे संस्थानों से मदद लेनी पड़ती थी। विवि द्वारा ई-कंसोर्टियम की सुविधा शुरू करने से प्रतिष्ठित जर्नल्स से शोध पत्र क्लिक मात्र से उपलब्ध हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि विवि लगातार छात्रहित में कार्य कर रहा है। इस क्रम में विवि ट्रेनिंग-प्लेसमेंट के लिए केंद्रीयकृत व्यवस्था की गयी है। उन्होंने कहा कि हाल ही में इनफ़ोसिस में विवि के 536 छात्र-छात्राओं का चयन हुआ है। उन्होंने कहा कि एकेटीयू का ई-कंसोर्टियम देश का सबसे सस्ता ई-कंसोर्टियम है। उन्होंने कहा कि हम आशा करते हैं कि विवि का प्रत्येक विद्यार्थी कम से कम एक माह में दो पेपर जरुर ई-कंसोर्टियम के माध्यम से डाउनलोड कर पढ़ेगा। उन्होंने कहा सबसे ज्यादा ई-कंसोर्टियम का उपयोग करने वाले विद्यार्थी एवं शिक्षक को सम्मानित भी किया जायेगा।

इस अवसर पर विवि के प्रतिकुलपति प्रो विनीत कंसल ने कहा कि विवि लगातार डिजिटलीकरण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है। विगत चार वर्षों में विवि ने शोध, नवाचार, डिजिटलाइजेशन, प्लेसमेंट और प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण के लिए लगातार सफल प्रयास किये हैं। इसी क्रम में ई-कंसोर्टियम भी एक सकारात्मक पहल है। विवि के डीन पीजी एवं प्रोफ़ेसर इंचार्ज लाइब्रेरी प्रो एमके दत्ता ने कहा कि विश्व के प्रतिष्टित जर्नल्स का सिर्फ एक आर्टिकल कम से कम 25 से 30 डालर के आस-पास का होता है। ऐसे में विवि का ई-कंसोर्टियम छात्र-छात्राओं के लिए बहुउपयोगी साबित होगा। ई-कंसोर्टियम की शुरुआत एक ऐतिहासिक कदम है। कंसोर्टियम के माध्यम से विवि के अंतिम विद्यार्थी तक गुणवत्तापरक पुस्तकें एवं शोध पत्र क्लिक मात्र से उपलब्ध हो सकेंगे।

प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमल रानी ने ई-कंसोर्टियम एवं सौर्य ऊर्जा प्रणाली का लोकार्पण किया। कार्यक्रम के अंत में विवि के कुलसचिव नन्द लाल सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर विवि के वित्त अधिकारी जीपी सिंह, निदेशक आईईटी प्रो एचके पालीवाल, डीन एफओए प्रो वंदना सहगल, निदेशक सीएएस प्रो मनीष गौड़, विभिन्न सम्बद्ध संस्थानों के निदेशक, विवि के समस्त डीन, शिक्षक एवं लगभग पांच सौ छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।