सरदार हरकीरत सिंह ने कोरोना वैक्सीन शोध व परिक्षण के लिए किया जीवित रहते देहदान 

जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी को पत्र लिख जाहिर की अपनी इच्छा 

Archana Sharma

(लखनऊ/VMN) “सवा लाख से एक लड़ाऊं, चिड़ियन ते मैं बाज तुड़ाऊं, तबै गुरु गोबिंद सिंह नाम कहाऊं”, यह सिखों के 10वें गुरु गुरु गोविंद सिंह जी का अनमोल वचन है। अपने देश व देशवासियों के लिए जान तक दे देने का ज़ज़्बा एक आम नागरिक में अभी भी कम नहीं हुआ है। बॉर्डर पर सैनिक तो देशवासियों के लिए जान देते ही हैं लेकिन कोई आम नागरिक जीते जी अपना बलिदान देश के लिए कर दे इससे बड़ी बात और क्या हो सकती  है। इसका ताज़ा उदाहरण है लखीमपुर खीरी के सरदार हरकीरत सिंह। जिन्होंने एक बार फिर अपने गुरुओं के बताये मार्ग पर चलते हुए एक बड़ा फैसला लिया है और कोरोना महामारी को कड़ी टक्कर देते हुए अपना शरीर कोरोना वैक्सीन शोध व परिक्षण के लिए दान कर दिया है ताकि देश दुनिया को कोरोना महामारी से बचाया जा सके। हरकीरत ने जिला प्रशासन आदि को पत्र लिखकर अपनी इच्छा व्यक्त करए हुए निवेदन किया है कि कोविड-19 की वैक्सीन बनाने में अगर किसी भी तरह से मानव शरीर की ज़रूरत मालूम होती है तो उनका इस्तेमाल किया जाये इसके लिए वह पूरी तरह से तैयार हैं। 

हरकीरत को यह प्रेरणा कहां से मिली के सवाल पर उन्होंने वंदे मातरम न्यूज़ से टेलीफोन पर हुई वार्ता में बताया कि यह उनके मन की  आवाज़ थी जिसने उनको इस काम के लिए प्रेरित किया। दूसरे वह गुरुओं की गाथा बचपन से पढ़ते आ रहे हैं और सिख धर्म के गुरुओं ने हमेशा देश के लिए बलिदान दिया और अपने बच्चों को भी यही सिखाया। आज जहाँ पूरा विश्व इस महामारी से त्रस्त है और इसकी वैक्सीन की खोज अभी तक नहीं की जा सकी है और स्थिति भयावह बनी हुईं है। भारत में भी दिन व दिन कोरोना के नए केस सामने आ रहे हैं और इससे संक्रमित होने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है जो बहुत ही चिंताजनक है। ऐसे में अगर मैं अपने देश के लिए जीते जी कुछ कर सकूँ तो ये मेरा सौभाग्य होगा। देश पर मर मिटने का सौभाग्य कम लोगों को ही मिलता है। मैं भी ऐसे ही वीर बलिदानों में शामिल होना चाहता हूँ। आपको बता दें कि हरकीरत ने देश सेवा के चलते ही विवाह नहीं किया। उनका पैतृक आवास प्रयागराज में है जहाँ उनकी बुजुर्ग माँ और छोटा भाई रहता है। हरकीरत लखीमपुर में रहते हुए तमाम सामाजिक कार्यों से जुड़े हैं। इसी के साथ वह कोरोना सेनानी पुलिस बल को प्रोत्साहित करने के लिए फूल वितरित कर उनका मनोबल बढ़ा रहे हैं।

यह जज़्बा सराहनीय है: जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी

 शैलेन्द्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी ने बताया कि हरकीरत सिंह का पत्र मुझे प्राप्त हुआ है। उनका यह जज़्बा सराहनीय है। उन्होंने कोविड 19 की वैक्सीन के लिए अपना देहदान कर समाज को एक सकारात्मक सन्देश दिया है। यह उनकी अपनी भावनायें हैं, जिसको महत्व दिया जाना चाहिये।