• दुनिया में कोरोना से संक्रमित 3,75,577
  • कोरोना से दुनिया में हुईं मौतें 16,369
  • भारत में संक्रमित लोगों की संख्या 499
  • संक्रमण के कारण भारत में हुई मौतें 10

प्रधानमंत्री जी, 

भारत की जनता लॉक डाउन को लेकर संजीदा नहीं दिख रही है। जगह-जगह दुकानें  खुली हैं। लोग गाड़ियों से सड़कों पर उतर पड़े हैं। सुरक्षाकर्मियों को उनको रोकने और वापस करने में खासी मशक्कत उठानी पड़ रही है भारत की जनता कोविड 19 के भयावह स्थिति से अवगत नहीं है। 

क्यों न देश में आपातकालीन स्थिति (कठोर निर्णय) घोषित कर दी जाए जबकि मानव जीवन खतरे में पड़ता दिख रहा है। जब राजनीतिक अस्थिरता वास्ता देकर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सिफारिश पर राष्ट्रपति फ़ख़रुद्दीन अली अहमद द्वारा 25 जून 1975 को आपातकाल घोषित किया गया था जोकि 21 मार्च 1975 तक जारी रहकर 21 माह तक चला था जबकि आज भारत की जनता को जीवनदान देने के लिए अगर आवश्यक तो यह निर्णय बुरा न होगा। कोरोना कोविड 19 के कहर से दुनिया भर के 195 देशों में फैल चुका है। या यह कहें कि यह लगभग पूरी दुनिया में फैल चुका है। इन देशों में अभी तक  3,75,577 लोग इस संक्रमण से ग्रसित हो चुके हैं जिसमें से 38,088 पिछले 24 घंटे में संक्रमित होने के मामले हैं। 16,369 मौतें हो चुकी हैं जिसमें पिछले 24 घंटे में 1728 मौतें हुई हैं। 101584 लोगों को सही किया जा चुका है वहीं 2,57,624 लोग अभी भी कोविड 19 के संक्रमण ग्रसित हैं जिनमें से 12,211 मरीजों की हालत चिंताजनक है। भारत दूसरे चरण में चल रहा है और तीसरे चरण के द्वार खड़ा है। जनता कर्फ्यू को भरपूर समर्थन के बाद लॉक डाउन के नियमों को पालन करने में भारतीय जनता संजीदा नहीं दिख रही है। भारत के लोग इसके भयावह स्थिति से कदापि अवगत नहीं हैं।

इटली, चीन और दुनिया के 195 देश इस वायरस की महामारी झेल रहे हैं। चीन में  81093 मामले प्रकाश में आए जिनमें से 72703 मरीजों को स्वास्थ्य कर लिया गया वहीं 3270 लोगों की मौत हो गई और 5120 वर्तमान में केस हैं जिनमें से 1749 लोगों की हालत नाजुक है और  पिछले 24 घंटे में एक भी नया नहीं आया है वहीं इटली में 63927 मामले कोविड 19 के केस आए हैं  जिनमें से 7432 लोगों को सही किया जा चुका है वहीं 6077 लोगों की मौत हो चुकी है जिसमें से पिछले 24 घंटों में 601 लोग मरे हैं और 50418 मरीज अभी भी इलाज में हैं जिनमें से 3204 लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है। यहां नए मामलों की बात करें तो 4789 हैं । इसके साथ ही अमेरिका की बात करते हैं तो वहां 43022 कुल मामले आए जिनमें से 9456 नए मामले हैं और 530 मौतें हुई हैं जिनमें से 117 मौतें अभी हाल की हैं। 295 लोगों को अमेरिका में सही किया जा चुका है वहीं 42197 लोग अभी भी संक्रमित हैं जिनमें से 1040 लोगों की हालत ज्यादा नाजुक है। 

अगर हम अगर हम बात करें 135 करोड़ की आबादी वाले भारत की तो वह सबसे ज्यादा खतरे में है क्योंकि भारत की अधिकांश जनता ग्रामीण क्षेत्रों या कस्बों में बसती है जिस को नहीं मालूम कोरोना वायरस कितना खतरनाक है और उसके लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए। भारत की अगर हम बात करें तो अभी तक भारत में 499 मामले कोरोना वायरस संक्रमण के दर्ज किए जा चुके हैं जिसमें 103 मामले नए हैं और 10 की अभी तक मौतें हो चुकी हैं जिसमें से 3 मौतें पिछले 24 घंटे की हैं। 34 लोगों को स्वस्थ किया जा चुका है और 455 मरीजों का इलाज चल रहा है।

 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का प्रधानमंत्री  जी आपके द्वारा किया गया था जिसको संपूर्ण भारत में अपार सफलता भी मिली लेकिन शाम को 5 बजे घंटी नगाड़े, ताली, ताली बजाकर उन लोगों का आभार प्रकट करने के लिए अपील की गई थी जो इस विषम परिस्थिति में भी हम सबकी सुरक्षा में काम कर रहे थे उनमें सर्वप्रथम चिकित्सक, जिला प्रशासन, शासन, दैनिक जीवन से संबंधित सेवा देने वाले दुकानदारों, सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों और संपूर्ण विश्व और भारत को सूचनाओं से अवगत कराने में बेखौफ रिपोर्टिंग कर रहे मीडियाकर्मियों थे। बस इसमें ही चूक हो गई और लोग ढोल नगाड़ों के साथ, थाली और बाजे के साथ  सड़कों पर निकल आए। उनको ऐसा लगा कि शनिवार शाम से लेकर रविवार शाम तक घरों में रहने के कारण कोरोना वायरस भारत छोड़कर भाग गया और जश्न मनाने का समय आ गया है जबकि ऐसा नहीं था। 

 अगले दिन  23 मार्च से 25 मार्च तक लॉक डाउन का आदेश आने के बाद लोगों ने उस पर कोई खास ध्यान नहीं दिया जिसका नतीजा यह हुआ कि 23 तारीख के सुबह से लेकर शाम तक उन  शहरों में सरकार को वह देखने को मिला जिसकी उनको आशा तक न थी। लोग सड़कों पर, बाजारों में, मंडियों में हजारों की संख्या में देखने को मिले जिससे राज्य से लेकर केंद्र सरकार तक के कान खड़े हो गए। कुछ राज्यों में तो पहले धारा 144 लगा दी गई लेकिन शाम होते होते पंजाब और दिल्ली में कर्फ्यू घोषित कर दिया गया। 

कोरोना वायरस का कहर दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है ऐसे में देश में आपातकालीन स्थिति (कठोर निर्णय) घोषित कर देना कदापि अनुचित नहीं रहेगा। भारत की जनता  भोली भाली है वह कोरोना के कहर से वाकिफ़ नहीं है। ऐसे में बस भारत वासियों का जीवन आपके हाथ में है।

RAJAT SAXENA

(संपादक की कलम से)