• महामृत्युंजय यज्ञ गए थे कराने
  • लॉकडाउन में 45 दिन से हैं फंसे 
  • एक की पत्नी का स्वास्थ्य गंभीर 

29 April 2020, Wednesday

(कानपुर नगर/लखनऊ/VMN) उत्तर प्रदेश के कुछ पुरोहितों का प्रदेश के बाहर जाकर कर्मकांड कराना इस बार महंगा पड़ गया। 

दरअसल करीब तीन पुरोहित अपने परिवार व बच्चों सहित 12 मार्च को गुजरात के अहमदाबाद नगर के श्रीनन्द नगर बैजलपुर में यजमान अनिल कुमारिया के यहां महामृत्युंजय यज्ञ कराने के लिए गए थे। दरअसल वह अक्सर ही भारत के विभिन्न राज्यों में अक्सर ही कर्मकांड कराने जाया करते थे लेकिन इस बार उनका बाहर जाना काफी महंगा पड़ गया। दरअसल इस बार जब वह गुजरात गए तो लॉक डाउन के चलते वहीं फंस गए। उनकी वापसी 23 मार्च को थी लेकिन 22 को जनता कर्फ्यू हो गया और इसके बाद 21 दिन का लॉक डाउन हो गया। सारी ट्रेन बसें,  हवाई जहाज आदि एहतियात के तौर पर बंद कर दिए गए, जिससे वह वहां से निकल नहीं पाए। 

14 अप्रैल के बाद लॉक डाउन खुलने की बात सरकार द्वारा कही गई थी इस पर उन्होंने 15 अप्रैल का फ्लाइट का टिकट करा लिया लेकिन देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ने के कारण 14 अप्रैल को ही प्रधानमंत्री ने 3 मई तक के लिए लॉक डाउन कर दिया गया। इस पर उनको फ्लाइट का टिकट भी कैंसिल कराना पड़ा चूंकि कुछ पुरोहित जी के साथ उनकी पत्नी और बच्चे भी हैं और यजमान ही उनको भोजन व आवास की सुविधा 45 दिनों से दी हुईं है। कानपुर के पुरोहित अभिषेक तिवारी का कहना है कि यजमान के यहां किसी तरह की समस्या नहीं है लेकिन 45 दिनों तक किसी के घर पर रुकना भी अच्छा नहीं। उन्होंने बताया की सम्बंधित जिले के जिलाधिकारी का नम्बर नेट से निकाल कर फोन किया लेकिन बात नहीं हो सकी। फंसे हुए लोगों में बनारस, कानपुर, बांदा शामिल हैं। 

एक पुरोहित की पत्नी का स्वास्थ्य गंभीर… 

कानपुर के रहने वाले अभिषेक तिवारी की पत्नी का स्वास्थ्य गंभीर रूप से खराब चल रहा है। उन्होंने बताया कि जब गुजरात गए थे तो अपनी पत्नी को बुआ के घर पर छोड़ कर गए थे ताकि उसकी देखभाल होती रहे क्योंकि वहां से कुछ ही दिन में लौट आना था इसलिए अपने माता-पिता के पास भी नहीं छोड़ सका। इस वजह से मैं और भी परेशानी में हूं कि मेरी पत्नी की हालत ठीक नहीं है और बुआ कब तक अकेले परेशान रहेंगी। हम सब की उत्तर प्रदेश सरकार से अपील है कि यहां से घर भिजवाने का कष्ट करें।