• आशुतोष ने भारत में शुरुआत की अनोखे फ्यूजन की
  • पेंटिंग के महंगे संसाधनों से छुट्टी दिलाएगा यह फ्यूजन 

Archana Sharma

(लखनऊ/VMN) करोड़ों की बिकने वाली पेंटिंग महज 10 से ₹15 में तैयार हो सकती है। है न यह चौकने  वाली बात। चौंकिए मत यह सच है। यह कर दिखाया हैआर्टिस्ट आशुतोष ने। उन्होंने एक ऐसी विधा का भारत में चलन शुरू किया है जिसमें  महज ₹3 के पेन और ₹4 के कागज पर कुछ ऐसी तस्वीरें बना दी जिन्हें देखकर यह नहीं कहा जा सकता कि इनमें रंग नहीं भरे गए।

आशुतोष ने एक अनोखे फ्यूजन को भारत में प्रस्तुत किया है जो पेंटिंग्स की दुनिया में एक ऐसा प्रयोग है जो बहुत ही सस्ता और किफायती है। देश में न जाने कितने ही कलाकार हैं जो पेंटिंग्स का शौक रखते हुए भी उसको आगे नहीं बढ़ा पाते हैं क्योंकि  इसमें आवश्यक सामग्री महंगी होती है जोकि हर एक कलाकार के लिए वहन कर पाना संभव नहीं होता है। ऐसे में आशुतोष के इस नए फ्यूजन के प्रयोग को पेंटिंग्स की दुनिया में मील का पत्थर साबित हो सकता है। वह बताते हैं कि पेंटिंग्स बनाना एक महंगा शौक है।  कई कलाकार इसके संसाधनों के महंगे होने के चक्कर में अपने हुनर का गला घोंट देते हैं और कोई और राह पकड़ लेते हैं। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए मैंने पेंसिल और पेन से कागज के ऊपर लकीरों से तस्वीर बढ़ाने का बनाने का प्रयोग शुरू किया फिर एक दो नहीं बल्कि कई पेंटिंग्स बनाई जो भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी खासी पसंद की गई। उनका कहना है कि वह चाहते हैं कि कोई भी कलाकार इसलिए अपने हुनर को ना छोड़े कि उसके पास धन का अभाव है। वह भी अपनी कला का नायाब नमूना देश दुनिया के सामने रख सके।

आशुतोष ने “Aquarela with stroke” नामक किताबका भी लेखन किया है जोअभी 26 जनवरी को प्रकाशित की गई है। इसकी खास बात यह है कि इसमें पेन, इंक और watercolor का अनोखा फ्यूजन है जिसको अभी इस तरह का में इस तरह की आर्ट  भारत नहीं है। इस की कला को भारत में लाने का मात्र एक मकसद है कि जो नए आर्टिस्ट है वो भी इसकी बारीकियों को समझ के कुछ नया करे साथ ही कोई छोटी से ऑब्जेट को लेते हुए किस तरह से उसे रेखाओं के माध्यम से अपनी कॉपी में उकेरे । रेखाओं के माध्यम से किसी कठिन दिखने वाली आर्ट को भी बहुत सरल तरीके से बना सकते है। इसके अलावा 40 फीट और 10 फीट चौड़ी बनाने का भी अनुभव किया है। हाल में ही  SA जफर से भी मिलना हुआ था हाल में ही जिन्होंने कहा था एक टीम इसी तरह का काम करो ये भारत में अभी तक नहीं किया गया है जफर भारत के जाने बने आर्टिस्ट है। आशुतोष न केवल भारत बल्कि बांग्लादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका, नाइजीरिया और स्पेन में भी अपनी कला का बेहतरीन प्रदर्शन कर चुके हैं। पाकिस्तान में आयोजित इंटरनेशनल मिनी पेंटिंग प्रदर्शनी में माचिस की डिब्बी के बराबर पेंटिंग बनाकर व दूसरे स्थान पर रहकर अपनी कला का लोहा मनवा चुके हैं। स्पेन के एक मशहूर आर्टिस्ट आशुतोष की पेंटिंग से इतना प्रभावित हुए कि उन्होंने एक साथ तीन पेंटिंग आशुतोष की खरीद ली थी। 

आशुतोष ने केवल पेंटिंग में ही नहीं बल्कि फिल्म डायरेक्शनमें में भी अपना स्थान कायम किया है। आशुतोष सबसे छोटी उम्र के डायरेक्टर होने का भी दावा करते हैं उनका कहना है कि उन्होंने मात्र 18 साल की उम्र में 2014 मे शार्ट फिल्म भटकन बनाई जिसके डायरेक्टर वह स्वयं थे।  आशुतोष कई भोजपुरी फिल्म में बतौर आर्ट डायरेक्टर काम कर चुके हैं। 24 जनवरी को रिलीज हुई फिल्म स्ट्रीट डांसर में वह जूनियर ग्राफिक डिजाइनिंग का काम कर चुके हैं। यह फिल्म मशहूर कोरियोग्राफर रेमो डिसूजा द्वारा डायरेक्ट की गई है।