• शुक्रवार को पड़ी महाशिवरात्रि पर बन रहा है विशेष योग
  • विद्यार्थी, अविवाहित व बेरोजगारों लिए विशेष फलदाई
  • गृह क्लेश से दुखी करें पूजा, मिलेगा मन वांछित फल 

Archana Sharma 

इस बार 21 फरवरी को भगवान शिव की उपासना का सबसे बड़ा पर्व महाशिवरात्रि पड़ रहा है। यह व्रत हिंदू कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है जो कि इस बार 21 फरवरी दिन शुक्रवार को है। इस दिन रात्रि में चतुर्दशी का योग बन रहा है। ज्योतिषाचार्य वा कर्मकांड विद्वानों की माने तो 21 फरवरी की शाम 5:12 बजे तक त्रयोदशी है तत्पश्चात चतुर्दशी का योग बन रहा है चूंकि  महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव का विवाह माता पार्वती से हुआ था और इस बार दिन शुक्रवार का संयोग भी है जो की शक्ति का दिन माना गया है। इसलिए इस बार की महाशिवरात्रि जनमानस के लिए अत्यंत ही महत्वपूर्ण और फलदाई बन पड़ी है। इस बार की महाशिवरात्रि पर विधि पूर्वक पूजा करने पर शनि की साढ़ेसाती से मुक्ति भी मिलेगी। ऐसा संयोग कई वर्षों बाद पड़ रहा है। इस दिन व्रतियों को अक्षय मोक्ष की प्राप्ति व पापों से मुक्ति का संकल्प करके विधि पूर्वक व्रत करना चाहिए। ज्योतिषाचार्य व कर्मकांड विशेषज्ञ पंडित संतोष शास्त्री पाधाजी ने बताया कि जो लोग सालों से शनि की साढ़ेसाती से परेशान हैं वह इस बार महाशिवरात्रि पर काला तिल व सरसों का तेल चढ़ाकर भोले बाबा की विधि पूर्वक पूजा करें तो उनको खासा लाभ मिलेगा।

 

 

इसलिए कहलाई महाशिवरात्रि

 ऐसी मान्यता है कि सृष्टि की शुरुआत में इसी दिन मध्यरात्रि भगवान् शिव का ब्रह्मा से रुद्र के रूप में अवतरण हुआ था। प्रलय की बेला में इसी दिन प्रदोष के समय भगवान शिव ने सती के वियोग में महा तांडव करते हुए ब्रह्मांड को तीसरे नेत्र की ज्वाला से भस्म कर दिया था। इसीलिए इसे महाशिवरात्रि अथवा कालरात्रि कहा गया है। 

 

 

 

 

पका आम चढ़ाएं

काल के काल और देवों के देव महादेव के इस व्रत को ब्राह्मण, क्षत्रिय,  वैश्य, शूद्र, स्त्री, पुरुष, बालक, वृद्ध, महिलाएं, कन्याएं हर कोई, हर जाति, हर धर्म का व्यक्ति कर सकता है। जल में काले तिल डालकर स्नान करके रात्रि में शिव जी का पूजन करना चाहिए। शिव जी को सबसे प्रिय पुष्पों में मदार, कनेर बेलपत्र व मौलसिरी है। किंतु पूजा में बिल्वपत्र सबसे प्रमुख है। ऐसी मान्यता है की शिवजी को पका आम चढ़ाने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। 

 

ऐसे करें पूजा

प्रातः काल स्नान करने के साथ ही संकल्प के साथ भोले बाबा के  उपवास की शुरुआत करें। पत्र, फूल तथा सुंदर वस्त्रों से सजाकर एक सुंदर मंडप तैयार करना चाहिए। मंडप में कलश स्थापित करके शिव, पार्वती जी की स्वर्ण मूर्ति और भगवान शिव के वाहन नंदी की चांदी की प्रतिमा रखनी चाहिए। यदि धातु की मूर्ति उपलब्ध न हो सके तो शुद्ध मिट्टी से शिवलिंग बना लेना चाहिए। कलश को जल से भरकर रोली, मौली, अक्षत ( चावल),  तांबूल (पान), पुंगी फल (सुपारी), गंगाजल, बिल्वपत्र, पुष्प (यदि उपलब्ध हो तो पीले कनेर पुष्प भी), धतूरा, आक का फल, फूल, पत्र, इलाइची, लौंग, दूध, घी, शहद, चीनी, कमलगट्टा, चंदन, दही, मकौआ, प्रसाद भोग आदि शिवजी को अर्पित करके पूजा करनी चाहिए।

 

 

 

करें रात्रि जागरण 

महाशिवरात्रि पर रात्रि जागरण का विशेष महत्व होता है। रात्रि जागरण करके शिव चालीसा तथा शिव सहस्रनाम का पाठ करना चाहिए। ओम नमः शिवाय, ॐ महेश्वराय नमः आदि शिव मंत्रों का अधिकाधिक जाप करना चाहिए। रात्रि जागरण में शिव जी की चार आरती का विधान जरूरी है। इस अवसर पर शिव पुराण का पाठ शुभ माना गया है। 

 

 

 

….तब करें व्रत का पारण 

महाशिवरात्रि के दूसरे दिन व्रत का पारण प्रातः जौ, तिल, खीर तथा बेल पत्रों का हवन करके व ब्राह्मणों को भोजन कराने के बाद करना चाहिए।

न खायें प्रसाद 

एकादशी की तरह ही महाशिवरात्रि व्रत में भी नमक और अन्न नहीं खाना चाहिए। फलाहार करके व्रत पूर्ण करना चाहिए। इस व्रत के दिन चारपाई पर बैठने तथा सोने का निषेध माना गया है। इस दिन विधि विधान से जो व्यक्ति व्रत रखता है भगवान शिव प्रसन्न होकर उसे अपार सुख प्रदान करते हैं। ऐसी मान्यता है कि भगवान शंकर पर चढ़ाया गया नैवेद्य, पुष्प, फल तथा जल ग्रहण नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति को दुख हुआ कष्ट मिलते हैं। अगर शिव जी की मूर्ति के पास शालिग्राम जी की मूर्ति रखी हुई है तो प्रसाद खाने का कोई दोष नहीं होता। भगवान शिव को जगत कल्याण करने वाला माना गया है।

 

ऐसे करें भोले बाबा को प्रसन्न राशि के अनुसार

 मेष राशि… मसूर की दाल व  गुलाब का फूल चढ़ाएं।

 वृष राशि… चावल, बेले, चमेली का फूल चढ़ाएं।

 मिथुन राशि… खट्टे फल चढ़ाएं जैसे अंगूर।

 कर्क राशि… दुध व गन्ने का टुकड़ा चढ़ाएं।

 सिंह राशि… कमल का फूल, बिल्वपत्र चढ़ाएं।

 कन्या राशि… देसी गाय का घी चढ़ाएं।

 तुला राशि… दही व चंदन चढ़ाएं।

 वृश्चिक राशि… गुड व इत्र चढ़ाएं।

 धनु राशि...शहद व भस्म चढ़ाएं।

 मकर राशि… काला तिल चढ़ाएं।

 कुंभ राशि… सरसों तेल, दूध व शक्कर चढ़ाएं।

 मीन राशि… दूर्वा व शमीपत्र चढ़ाएं।

 

बेरोजगार ऐसे पूजें 
जिनको तमाम प्रयासों के बावजूद नौकरी नहीं मिल रही है और वडिग्री लेकर घूम रहे हैं, तनाव ग्रस्त हैं, उनके लिए इस बार की शिवरात्रि बहुत है फलदाई साबित हो सकती है अगर वह पुरे मन और श्रद्धा से भोले बाबा को 108 मिश्री के दाने चढ़ायें साथ है हल्दी व अबीर, ग़ुलाल लगाए. ऐसा करने से बेरोजगारों को अपनी इच्छा के अनुसार नौकरी मिल सकती है।

विद्यार्थियों के लिए….

जो विद्यार्थी इस बार बोर्ड परीक्षा में बैठे हैं वह अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए वह परीक्षा में सफल होने के लिए भोले बाबा की पूजा दूध और चीनी चढ़ाकर करें तो उन्हें परीक्षा में सफलता अवश्य मिलेगी।

संतान के लिए…

जो दंपत्ति सालों से इस संतान प्राप्ति के लिए परेशान है उन लोगों के लिए भी इस बार की महाशिवरात्रि खासा महत्वपूर्ण साबित हो सकती है अगर वह विधि पूर्वक व  सच्चे मन से भोले बाबा की पूजा करते हैं और खासतौर से घी चढ़ाते हैं तो उनको संतान की प्राप्ति हो सकती है।

सुयोग्य वर व वधू के लिए

जो अविवाहित पुरुष व कन्याएं जिनका विवाह नहीं हो रहा है वह इस बार भोले बाबा की पूजा विधि विधान से करें। कन्याएं केसरिया दूध व  केसरिया जल चढ़ाकर पूजा करें और अविवाहित पुरुष दही चढ़ाकर भोले बाबा को प्रसन्न करें तो इसी साल उनका लगन हो सकता है। मगर पूजा करते समय ध्यान रखें कि उनका मन एकाग्र होना चाहिए।

मिलेगी कलह से मुक्ति

जिन घरों में पारिवारिक कल है हो रही है और पति पत्नी विचारों में भी समानता नहीं है तो वे लोग इस बार महाशिवरात्रि पर दही और शहद से भोले बाबा की पूजा अर्चना करें तो पारिवारिक कलह से मुक्ति मिलेगी।