• बसपा कार्यकर्ताओं ने मायावती के 64वें  जन्मदिन को मनाया धूमधाम से
  • कार्यकर्ताओं ने 64 किलो के केक के साथ मायावती को दी शुभकामनाएं
  • मायावती ने केंद्र सरकार व पूर्व में कांग्रेस सरकार की नीतियों को बताया गलत
  • “ब्लू बुक” के 15 वें संस्करण का किया मायावती ने विमोचन

(लखनऊ/VMN) बीएसपी अध्यक्ष मायावती के 64वें जन्म दिवस के अवसर पर कार्यकर्ताओं ने जहां एक और बधाइयां दी वहीं दूसरी ओर उन्होंने विभिन्न प्रकार के आयोजन किए। विभिन्न राजनीतिक दलों के राजनेताओं के द्वारा मायावती को उनके जन्मदिन पर बधाई दी। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी  मायावती को शुभकामना संदेश प्रेषित किया। मायावती ने अपना जन्म दिवस जन कल्याणकारी दिवस के रूप में मनाया। 

मायावती  जन्मदिन के अवसर पर लखनऊ के कार्यकर्ताओं ने 64 किलो का केक बनवा कर जन्मदिन को धूमधाम से मनाया। इसके केक को लेकर खासी चर्चा हुई। इस अवसर पर जहां विभिन्न राजनेताओं के द्वारा शुभकामनाएं दी गई वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के द्वारा दी गई  शुभकामना संदेश को विभिन्न तरीके के राजनीतिक गणित के रूप में भी देखा जा रहा है। यह बताना भी जरूरी है कि 2019 के लोकसभा चुनाव सपा और बसपा ने गठबंधन के साथ लड़ा था जिसमें बसपा को 10 सीटों पर विजय मिली थी जबकि बसपा 2014 लोकसभा चुनाव में अकेले लड़कर एक भी सीट नहीं जीत सकी थी वही सपा 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा से गठबंधन करने के बावजूद 2014 के लोकसभा चुनाव में जीती 5  सीटों से ज्यादा एक भी सीट न बढ़ाकर 5 ही सीट पर विजय हासिल कर पाई थी। शून्य से 10 सीटों पर विजय हासिल करने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने घाटे का गठबंधन बताते हुए सपा से किनारा कर लिया था। 

मायावती ने अपने जन्म दिवस को जन कल्याणकारी दिवस के रूप में मनाने के लिए कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए थे। इस अवसर पर मायावती ने “ब्लू बुक” “मेरे संघर्षमय जीवन व बीएसपी मूवमेंट का सफरनामा” के 15वें  संस्करण का विमोचन किया। मायावती ने अपने जन्मदिन पर केंद्र सरकार के साथ-साथ कांग्रेस पर भी निशाना साधा है उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार कांग्रेस की तरह ही अपनी सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। मायावती ने कहा कि वह  नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का पूर्णतया विरोध करती हैं। आज देश में कानून व्यवस्था पूर्णतया फेल हो चुकी है इसका सबसे बड़ा कारण केंद्र सरकार की गलत नीतियां है। देश में गरीबी का सबसे बड़ा कारण बेरोजगारी है। केंद्र सरकार रोजगार दे पाने में असफल साबित हो रही है। देश की अर्थव्यवस्था चौपट है लोगों को रोजी-रोटी तक की दिक्कत है।