• इधर उधर न फेंके मास्क और ग्लव्स 
  • साबुन से धोकर सेनेटाइज़ कर करें इस्तेमाल 

(लखनऊ/VMN) कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के कारण लोग हैंड ग्लव्स और मास्क का अधिक से अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं जो स्वास्थ्य व सुरक्षा की दृष्टि से सही भी है। साथ ही ध्यान देने योग्य बात यह भी है कि इसको इस्तेमाल करने के बाद इधर उधर न फेंके क्योंकि यह आगे चलकर न केवल मानवजाति बल्कि जानवरों के लिए भी हानिकारक हो सकता है। इसलिए एक तो इसका इस्तेमाल करें तो बार-बार इसे साबुन पानी से धोयें और सेनेटाइज़ करें। हांलाकि जल्द ही इसको निस्तारित करने के लिए डिस्पोजल मशीन भी इज़ाद की जाएगी। 

इसके लिए डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय और राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान एक साथ मिलकर काम काम करेंगे। इस सम्बन्ध में विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज़ के सहायक आचार्य डॉ अनुज कुमार शर्मा ने बताया कि भविष्य को देखते हुए जल्द ही मास्क, हैण्ड ग्लब्ज आदि को निस्तारित करने की मशीन विकसित करने की योजना बना रहे हैं ताकि समाज इसके दुष्प्रभावों से बच सके। डॉ शर्मा कहते हैं कि वर्तमान में मास्क, हैण्ड ग्लब्ज आदि का प्रयोग एकाएक बढ़ गया है और इनका निस्तारण भी एक चुनौती ही है। 

ऐसे में संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए ऐसी वस्तुओं का प्रयोग के बाद सही निस्तारण जरुरी हो गया है। ऐसा देखा गया है कि लोग इसकी ज़मीन में दबाकर या फिर जलाकर निस्तारित कर रहे हैं जो सही नहीं है। दरअसल पॉलीथिन में बंद कर के भी इसको सही से निस्तारित नहीं किया जा सकता क्योंकि वायरस का साइज़ 200 से 300 नैनो मीटर का होता है जो ज़रा भी कहीं अगर चिपका रह जायेगा तो किसी को भी प्रभावित कर सकता है। अगर इसको जलाते हैं तो इससे निकलने वाला रासायनिक तत्व वातावरण को दूषित करेगा जो स्वास्थ्य के लिए भी सही नहीं होगा। इन्ही सब बातों को ध्यान में रखते हुए ही इसके निस्तारण के लिए मशीन इज़ाद की जाएगी। यह ठीक वैसे ही काम करेगी जैसे डॉक्टर्स हॉस्पिटल ओपीडी में सीरीज का निस्तारण करते हैं अतः एकेटीयू और आरएमएलआईएमएस डिस्पोजल मशीन विकास पर भी कार्य करेगा। इस संबंध में राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो एके त्रिपाठी एवं मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डॉ विक्रम से वार्ता हो चुकी है। मशीन के ज़रिये इसका निस्तारण न ही वातावरण और न ही किसी व्यक्ति व जीव जन्तु को प्रभावित करेगा  हांलाकि अभी कोरोना वायरस का जानवरों पर प्रभाव को लेकर कोई रिसर्च नहीं हुईं है तो यह कहना थोड़ा मुश्किल होगा कि अगर मास्क या हैंड ग्लव्स जानवर खा लेते हैं तो क्या होगा लेकिन उनको नुकसान तो होगा ही इसीलिए इसे इधर उधर न फेंकें।