• राज्यपाल आनंदीबेन पटेल प्रतिभागियों को सम्मानित किया
  • खेल राज्य मंत्री उपेंद्र तिवारी ने सबको धन्यवाद ज्ञापित किया
  • केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने महोत्सव को बताया सफल

RAJAT SAXENA/ ARCHANA S SHUKLA

(लखनऊ/VMN) युवा देश का भविष्य होते हैं। आप लोगों ने भारतीय संस्कृति को आगे लाने का काम किया है। देश के  विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने जो यह प्रस्तुति दी है उससे संपूर्ण भारत की बहुमुखी प्रतिभा सामने आई है। प्रकार के आयोजन विभिन्नताओं में एकता को दर्शाते हैं। यह बात  उत्तर प्रदेश राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 23वें राष्ट्रीय युवा उत्सव 2020 के समापन समारोह के अवसर पर युवाओं को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि आज भारत की आबादी में 65% युवा 35 वर्ष आयु के हैं जिन पर भारतीय संस्कृति और सभ्यता को जीवित रखने की  जिम्मेदारी है। इस आयोजन से यह स्पष्ट भी हो रहा है कि इस जिम्मेदारी को महत्वपूर्ण तरीके से युवा निभा रहे हैं। देश की आधी आबादी कही जाने वाली महिलाओं का भी योगदान काफी रहा है जो भारतीय कलाओं, विधा और संस्कृति को जीवित रखने का महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।              

लखनऊ गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में चल रहे 23वे राष्ट्रीय युवा उत्सव का समापन  राज्यपाल द्वारा विजेताओं को स्मृति चिन्ह देकर पुरस्कृत किया गया। इससे पहले केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्यमंत्री ( स्वतंत्र प्रभार) किरेन रिजिजू ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने इस युवा उत्सव को बहुत ही भव्य बनाया है। प्रत्येक राज्य में “खेलो इंडिया” का अभियान चलाया जा रहा है। 2028 के ओलंपिक खेल जो लॉस एंजलिस में  होने हैं उसमें ज्यादा से ज्यादा पदक हासिल करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। युवाओं को प्रोत्साहन और हरसंभव संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व युवा कल्याण एवं खेल राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उपेंद्र तिवारी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के युवा कल्याण एवं खेल राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री उपेन्द्र तिवारी ने देश के विभिन्न प्रांतो से आये युवाओं के कला कौशल की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन का इस राष्ट्रीय युवा उत्सव में अपनी एक अलग छाप छोड़ी है और देश भर के युवाओं ने यहां एकत्र होकर अपनी प्रतिभा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की एकता और अखण्डता को और अधिक मजबूत बनाया है। श्री तिवारी ने युवाओं से आह्वाहन करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प फिट इण्डिया कार्यक्रम को सफल बनाने में अपनी अहम भूमिका निभायेंगे। उन्होंने कहा कि युवा उत्सव राष्ट्रीय सद्भावना एवं सामाजिक समरसता का प्रतीक बना है और इस राष्ट्रीय युवा उत्सव के माध्यम से उनमें एक नये उत्साह एवं स्फूर्ति का संचार हुआ है। श्री तिवारी ने राष्ट्रीय युवा उत्सव के सफल आयोजन के लिए युवाओं, युवा कल्याण विभाग और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। 

उत्सव के दौरान देश के 27 राज्यों से आये प्रतिभागियों के बीच कांटे की टक्कर देखी गई। किसी ने भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी तो किसी ने गायन और वादन में बेहतरीन प्रदर्शन कर लखनऊवासियों का दिल जीत लिया। उत्सव में देश भर के करीब 7 हज़ार युवाओं ने हिस्सा लिया, इस पांच दिवसीय कार्यक्रम में मिनी इंडिया नज़र आ रहा था, एक ओर जहां प्रतिभागी मंच पर एक दूसरे को कड़ी प्रतिस्पर्धा देते हुए नज़र आ रहे थे तो दूसरी ओर मंच से परे उनमे मित्रता का गहरा भाव देखने को मिल रहा था, उत्सव में अलग अलग राज्यो से मिले युवा ऐसे एक दूसरे के साथ घुले मिले नज़र आ रहे थे मानो पहले से जानते हो। इस मौके पर सभी अपनी कला संस्कृति का आदान प्रदान करते हुए नज़र आ रहे थे। 

राजस्थान बना राष्ट्रीय युवा उत्सव 2020 का बादशाह

उत्सव के दौरान सभी 16 राज्यों के प्रतिभागियों को विभिन्न प्रतियोगिताओं में कड़ी टक्कर देते हुए राजस्थान ने कुल नौ पुरस्कार जीते तो केरल ने सात, कर्नाटक ने छः, महाराष्ट्र ने पांच, उड़ीसा,बिहार, पंजाब, आंध्रप्रदेश, दिल्ली, ने कुल चार-चार पुरस्कार हासिल किये, उत्तर प्रदेश ने कुल तीन तो तमिलनाडु, हरियाणा, मणिपुर, उड़ीसा,पुडुचेरी ने कुल दो-दो पुरस्कार प्राप्त किये, सिक्कम को एक पुरस्कर से ही संतोष करना पड़ा।

किसने किसमें मारी बाजी

  • एकांकी में राजस्थान प्रथम, केरल द्वितीय, महाराष्ट्र तृतीय 
  • लोक गायन में राजस्थान  प्रथम, पंजाब  द्वितीय, महाराष्ट्र  तृतीय 
  • लोकनृत्य में उड़ीसा प्रथम, राजस्थान  द्वितीय, तमिलनाडु तृतीय 
  • हिंदुस्तानी वोकल सोलो में कर्नाटक के बसवराज प्रथम, राजस्थान की आकांक्षा द्वितीय, उत्तर प्रदेश के आदर्श व बिहार के विवेक कुमार शिरोमणि तृतीय 
  • कर्नाटिक वोकल सोलो में केरल के माधवदेव प्रथम, कर्नाटक की अदिति बी प्रहलाद द्वितीय व आंध्र प्रदेश की ई प्रथयूश तृतीय
  • तबला में दिल्ली के सुरजीत सिंह प्रथम, हरियाणा के इरफान हुसैन खान द्वितीय व बिहार के तलांजय ठाकुर तृतीय
  • कथक में राजस्थान के कृष्ण शर्मा प्रथम, पंजाब की अर्शदीप कौर द्वितीय, दिल्ली के राघव मोंगा तृतीय 
  • वीणा में कर्नाटक की वैष्णवी टीएस प्रथम, केरल के आर्य राज द्वितीय, आंध्र प्रदेश के झाड़थील दामिनी श्री सिन्धुजा तृतीय 
  • मणिपुरी में मणिपुर के ओकराम प्रथम, राजस्थान के वनलालनूनपुई द्वितीय, उड़ीसा के जितेंद्र कुमार मोहंती तृतीय 
  • ओडिसी में उड़ीसा के हरेकृष्ण ढल प्रथम, दिल्ली की अर्पिता देवाश्री द्वितीय, राजस्थान के अनुराग शर्मा तृतीय  
  • कुचिपुड़ी में आंध्रप्रदेश के नागसरी प्रवल्लिक प्रथम, पुडुचेरी केजे नंदिनी द्वितीय, कर्नाटक के कौस्तुभ तृतीय
  • सितार में कर्नाटक के भाग्यश्री हुगार प्रथम, उड़ीसा के सत्यवान सेठी व पंजाब की प्रभजोत कौर द्वितीय, दिल्ली के आर्यान्श मोहन तृतीय
  • बांसुरी में कर्नाटक के अभिषेक प्रथम, केरल आदित्य कृष्णन द्वितीय, बिहार के सचिन कुमार मौर्य तृतीय 
  • मृदंगम में महाराष्ट्र के आसाराम सुरेश सेबल प्रथम, उत्तर प्रदेश के विमर्श मालवीय द्वितीय, आंध्रप्रदेश के दुन्थमसेट्टी चंद्र वर्धन तृतीय
  • हारमोनियम लाइट में महाराष्ट्र से पराज्योत प्रकाश प्रथम, राजस्थान के सचिन शूकर किम्मरिया द्वितीय, उत्तर प्रदेश के श्रीकांत मिश्रा व हरियाणा के ऋषि शर्मा तृतीय
  • एलोकशन (बोलने की एक विशेष शैली) में केरल की रोहिणी प्रथम, मणिपुर ज़िनगो सिंह द्वितीय  व पंजाब के कार्तिके शर्मा तृतीय
  • भरतनाट्यम में तमिलनाडु के मुथु सेल्वम प्रथम, केरल के अजय राज द्वितीय, पुडुचेरी के कृष्णन जाली तृतीय 
  • गिटार में सिक्किम के दोरजी तमांग व महाराष्ट्र के वीर धनंजय नारायण प्रथम, केरल के असंश अशोक द्वितीय, राजस्थान से इंदरपाल सिंह तृतीय
  •  फूड फेस्टिवल (शाकाहारी) में प्रथम स्थान पर रहे तमिलनाडु के मनिक नंदन को 12 हजार रुपये का पुरस्कार, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले उत्तर प्रदेश के मानस राज सिंह को 10 हजार रुपये का पुरस्कार तथा तृतीय स्थान पर रहने वाले आन्ध्र प्रदेश के पी स्वर्ण लाठिया को 08 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया।
  • फूड फेस्टिवल (मांसाहारी) में प्रथम स्थान पर उत्तर प्रदेश के शुभम गुप्ता को 12 हजार रुपये का पुरस्कार, पश्चिम बंगाल के शुभम राय गुप्ता को 10 हजार रुपये का द्वितीय पुरस्कार तथा तेलंगाना के जी शिरिसा को 08 रुपये का तृतीय पुरस्कार मिला।
  • युवा कृति (क्राफ्ट मेला) में प्रथम स्थान पर बिहार के दिलीप कुमार और शंस कुमार को 06-06 हजार रुपये, द्वितीय स्थान पर त्रिपुरा के मृणाल शाहजी और प्रितम मालाजी को 05-05 हजार रुपये और तृतीय स्थान पर रहे आसाम के हयात अली और सद्दाम हुसैन को 04-04 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया।
  • पेन्टिंग प्रतियोगिता में दिल्ली के ओम प्रकाश को प्रथम, उत्तर प्रदेश के समीक्षा जैन को द्वितीय तथा झारखण्ड के अमित कुमार ओझा को तृतीय पुरस्कार के रूप में क्रमशः 12 हजार, 10 हजार तथा 08 हजार का पुरस्कार दिया गया।
  • मूर्तिकला में आन्ध्र प्रदेश के कोडूरूसोआई तेजा को प्रथम, उत्तर प्रदेश के चन्द्रशेखर को द्वितीय तथा नागालैण्ड के विकोलेली केडिसू को तृतीय पुरस्कार के रूप में भी क्रमशः 12 हजार, 10 हजार तथा 08 हजार रुपये दिये गये।

सांस्कृतिक मार्च पास्ट में केरल, झारखण्ड और उत्तर प्रदेश की टीम को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ट्राॅफी व प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत किया गया। इसी प्रकार युवक/महिला मंगल दलों को विवेकानन्द युवा पुरस्कार 2018-19 के अन्तर्गत प्रथम स्थान आने पर 01 लाख रुपये, द्वितीय स्थान में 50 हजार रुपये तथा तृतीय में 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया। इसके तहत जनपद भदोही के युवक मंगल दल कौलपुर को प्रथम पुरस्कार, हरदोई के युवक मंगल गुलामऊ को द्वितीय पुरस्कार, इटावा के युवक मंगल दल बेर को तृतीय पुरस्कार तथा कन्नौज की महिला मंगल दल मेंहदीपुर को प्रथम, जनपद चन्दौली के महिला मंगल दल परेवा (वि0ख0 बरहनी) को द्वितीय तथा बलरामपुर जनपद के महिला मंगल दल कोड़लिहा को तृतीय पुरस्कार दिया गया।