• पलायन रोकने के लिए उठाया कदम
  • प्रदेश  की सभी सीमाएं रहेगी सील

(लखनऊ/VMN) विभिन्न प्रदेशों में निवासरत उत्तर प्रदेश वासियों की सुविधा के लिए राज्यवार नामित नोडल प्रशासनिक/पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के चलते दूसरे प्रदेशों में मौजूद उत्तर प्रदेश वासियों की काफी समस्याओं का समाधान किया जा सका है। इन अधिकारियों के पास आने वाले फोन काॅल्स के कारण उनकी समस्याओं का सीधे पता लगा और इन अधिकारियों द्वारा सम्बन्धित राज्य के उच्चाधिकारियों से सम्पर्क कर उनकी ठहरने, खाने जैसी समस्याओं को निपटाया गया। इस संबंध में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने आज अपने सरकारी आवास पर  बैठक कर अधिकारियों से जानकारी ली। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्हीं प्रयासों से अन्य प्रदेशों से उत्तर प्रदेश की ओर पलायन रोका जा सका है। इससे कम्युनिटी स्प्रेड को रोकने में काफी मदद मिली है। उन्होंने कहा कि 14, 15 व 16 अप्रैल, 2020 को सम्बन्धित जिलों के नोडल अधिकारियों के कंट्रोल रूम नम्बर भी प्रकाशित किये जाएंगे। उन्होंने नोडल अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे सभी काॅलर की बात को ध्यानपूर्वक सुनते हुए उनकी समस्याओं का समाधान करवाएं।

उन्होंने कोरोना संक्रमण को फैलने से बचाने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य की सभी सीमाओं को प्रभावी ढंग से सील करने और हर हाल में यातायात रोकने और पैदल चलकर आने वाले लोगों को प्रवेश नहीं देने के निर्देश दिये। प्रदेश से लगे राज्यों जैसे हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली इत्यादि में बसे उत्तर प्रदेश वासियों को अपने निवास स्थान पर ही रुकने के लिए प्रेरित करें।

मुख्यमंत्री ने बैठक में मौजूद महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश/तेलंगाना, कर्नाटक, पंजाब, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, हरियाणा, बिहार, गुजरात, उत्तराखण्ड/हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश/छत्तीसगढ़, दिल्ली/जम्मू और कश्मीर/लद्दाख, उड़ीसा, तमिलनाडु, पूर्वाेत्तर राज्य (अरुणांचल प्रदेश, असम, नागालैण्ड, मेघालय, मणिपुर, त्रिपुरा तथा मिजोरम) एवं केरल के लिए नामित वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस नोडल अधिकारियों से उनसे सम्बन्धित राज्यों में मौजूद उत्तर प्रदेश वासियों की समस्याओं के निराकरण के विषय में सीधे जानकारी प्राप्त कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। इस अवसर पर मुख्य सचिव आरके तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।