• आम दिनों से अधिक हुई शराब की बिक्री
  • सिर्फ लखनऊ में 6 करोड़ का मिला राजस्व
  • पहले हुआ करता था साढ़े 4 करोड़ 
  • कानपुर में 4.25 करोड़ की शराब बिकी

(लखनऊ/VMN) उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लंबे लॉक डाउन के बाद पहली बार खुली शराब की दुकानों में रिकॉर्ड बिक्री हुई तो दूसरी ओर लॉक डाउन की 40 दिन की तपस्या भी ध्वस्त  दिखाई दी। शराबियों में कोरोना संक्रमण का जरा भी भय नहीं दिखाई दिय। जल्द से जल्द शराब की बोतलें पाने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग के सारे नियम और कायदे भी ताख पर रख दिए।

लखनऊ में 898 दुकानों में 805 दुकानें खोली गईं। हॉटस्पॉट कैंट और हजरतगंज जैसे हॉटस्पॉट में  दुकानें बंद रहीं। सुबह 10:00 से शाम 7:00 बजे तक हुईं शराब की सेल में सबसे ज्यादा अंग्रेजी शराब की बिक्री हुई। अंग्रेजी शराब आम दिनों में जहां 40 हज़ार बोतल बिकती है तो वही लॉक डाउन के बाद पहले दिन शराब की दुकान खुलने पर एक लाख 20 हज़ार बोतलों की बिक्री हुई। तो वहीं देसी शराब की सेल में कुछ कहुईमी नजर आई। आम दिनों में देसी शराब जहां 65000 लीटर बिकती थी वहीं 4 मई को 55000 लीटर सेल हुई। ठंडी बियर की खरीदारी में भी कमी नजर आई। जहां आम दिनों में 70 हज़ार बोतल अप्रैल और मई महीने में बिकती थी वहीं 4 मई को 65 हज़ार बोतलों की बिक्री हुई। शराब की दुकानों में देसी शराब के लिए लोगों को लाइन लगाने की जरूरत नहीं पड़ी तो वहीं अंग्रेजी शराब की दुकानों में लंबी लाइन और जमकर भीड़ दिखाई दी। इस दौरान लॉक डाउन के सारे नियम और कायदे ध्वस्त दिखाई दिए। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि 4 मई को 6 करोड़ का राजस्व एक दिन में प्राप्त हुआ जो कि 40 दिन पहले अर्थात आम दिनों में यही साढ़े चार  करोड़ हुआ करता था। बिक्री में कुछ कमी इसलिए भी रही क्योंकि 93 दुकानें बंद रहीं दूसरे देशी शराब की बिक्री इसलिए अच्छी नहीं हुईं क्योंकि मज़दूर वर्ग लखनऊ में कम हो गए हैं तो बियर की बिक्री के प्रति रुझान इसलिए कम दिखाई दिया क्योंकि लोग ठंडी शराब नहीं पीना चाहते तो वहीं लखनऊ शराब  एसोसिएशन के महामंत्री कन्हैया लाल मौर्य ने बताया की आम दिनों से अधिक बिक्री लॉक डाउन के बाद खुली शराब की दुकानों ने एक दिन में करा दी है। वहीं कानपुर में 4.25 करोड़ की शराब बिकी हुई जिसमें सबसे अधिक देसी 86 हज़ार लीटर, 56 हज़ार अंग्रेजी शराब की बोतल और 82 हज़ार बीयर केन/बोतल हैं।