• एकेटीयू व आरएमएल आयुर्विज्ञान संस्थान इज़ाद करेंगे मशीन  
  • डॉक्टर्स के बाद आम जनमानस को भी उपलब्ध होगी यह मशीन 

(लखनऊ/VMN) जल्द ही हम सब एक ऐसी मशीन से रूबरू होंगे जो सभी तरह के वायरस से हमारी वस्तुओं को निज़ाद दिलाएगी और हमें संक्रमण मुक्त रखेगी। फिलहाल तो इसका विकास कोरोना वायरस को देखते हुए डॉक्टर्स के लिए किया जा रहा है ताकि वह मरीजों को देखने के बाद अपने साथ रखी गईं वस्तुओं मसलन मोबाइल, घड़ी, रिंग आदि को वायरस मुक्त कर सकें। 

इसकी उपयोगिता को देखते हुए ही इसे आम लोगों के लिए भी विकसित किया जायेगा ताकि आप इसे अपने घर पर भी रख सकें और बाहर से आने के बाद आप साथ लाई गईं वस्तुओं के साथ ही जूता, चप्पल आदि को भी वायरस मुक्त कर सकेंगे। इस मशीन को इज़ाद करने के लिए डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय और राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान ने हाथ मिलाया है। 

इस संबंध में विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज के सहायक आचार्य डॉ अनुज कुमार शर्मा ने वन्देमातरम न्यूज़ से बताया कि वर्तमान में कोरोना वायरस को नियंत्रित करना एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक सेवाओं वाले सार्वजनिक स्थानों के लिए स्टरलाइजेशन जिसे यूनिवर्सल पोर्टेबल सेनेटाइज़ मशीन का नाम दिया गया है, एक अहम भूमिका निभा सकती है। वर्तमान स्थिति से निपटने के लिए एकेटीयू और आरएमएलआईएमएस ने संयुक्त तत्वाधान में स्टरलाइजिंग मशीन विकसित करने के लिए साथ मिलकर कार्य करने का निर्णय लिया है।

स्टरलाइजिंग मशीन को दो सिद्धांतों पर विकसित किया जायेगा। एक तो इसमें सेनेटाइजर का दूसरे अल्ट्रा वायलेट रेज़ का इस्तेमाल किया जायेगा ताकि किसी भी तरह से वायरस बचने न पाए। पहले चरण में ये मशीन हॉस्पिटल में इस्तेमाल क़ी  जाएगी। दरअसल डॉक्टर्स ज़ब ओपीडी आदि में जाते हैं तो अमूमन उनके साथ मोबाइल, घड़ी, रिंग आदि तो होती ही है। इन सब चीज़ों पर वायरस के ठहरने की समय सीमा करीब 72 घंटे होती है ऐसे में ये मशीन मात्र 15 से 20 मिनट में इन सभी वस्तुओं को संक्रमण मुक्त कर देगी। ठीक इसी तरह इसका इस्तेमाल घरों के लिए भी हो सकेगा ताकि आप बाहर से कोई भी वस्तु लायें या पहन कर आयें तो उसे इस मशीन के माध्यम से वायरस मुक्त किया जा सकता है। डॉ शर्मा ने बताया कि जल्द ही इस मशीन को लेकर काम शुरु किया जायेगा। खास बात यह है कि ये मशीन सभी के बजट में होगी। 

डॉ शर्मा ने बताया कि इस संबंध में राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो एके त्रिपाठी एवं मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डॉ विक्रम से वार्ता हो चुकी है। इस मौके पर डॉ शर्मा ने डॉ विक्रम को 10 फेस शील्ड संस्थान के चिकित्सकों के प्रयोग के लिए प्रदान की। इस पर निदेशक प्रो एके त्रिपाठी ने एकेटीयू के कुलपति प्रो विनय कुमार पाठक को धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए एकेटीयू के साथ मिलकर कार्य करने पर अपनी ख़ुशी ज़ाहिर की है।

*प्रतीकात्मक चित्र