वेबिनार में की गई घोषणा 

20 April 2020, Monday

(लखनऊ/VMN) लखनऊ विश्वविद्यालय के स्टूडेंट्स जुलाई, अगस्त के नए सत्र से कोरोना वयर स के बारे में पढ़ सकेंगे। इसको एमएससी प्रथम वर्ष में क्लिनिकल बायो केमेस्ट्री और फीजियोलॉजी के पाठ्यक्रम में शामिल किया जायेगा। इसी के साथ यहां कोरोना लैब भी खुलेगी। इस बात की जानकारी 19 अप्रैल को लखनऊ विश्वविद्यालय मेंआयोजित वेबिनार में जीव रसायन विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सुधीर मेहरोत्रा ने स्टूडेंट्स को दी।

विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. पूनम टंडन के सहयोग से आयोजित वेबीनार में विश्वविद्यालय के छात्रों एवं शिक्षकों को वैश्विक कोरोना वायरस महामारी के प्रति जागरूक किया गया। कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार राय ने इस दौरान लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे विभिन्न इनीशिएटिव्स की जानकारी दी। तत्पश्चात प्रोफेसर पूनम टंडन इस सेमिनार के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। पहला लेक्चर जीव रसायन विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सुधीर मेहरोत्रा द्वारा दिया गया। दूसरा लेक्चर विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग की प्रोफेसर मोनीषा बनर्जी द्वारा दिया गया। उन्होंने विस्तार पूर्वक कोरोना वायरस की संरचना इसकी मॉलिक्यूलर बायोलॉजी जेनेटिक्स तथा मानव कोशिकाओं में किस प्रकार इसका संक्रमण फैलता है, के बारे में बताया साथ ही उन्होंने पूरे विश्व में इस बीमारी से बचाव के लिए वैक्सीनेशन तथा विभिन्न प्रकार के इलाज पर प्रकाश डाला। इन दोनों लेक्चर के अंत में वेबिनार में भाग लेने वाले छात्र छात्राओं ने दोनों एक्सपोर्ट से बहुत सारे सवाल कर तमाम जिज्ञासाएं शांत कीं। लेक्चर मैथमेटिक्स एवं एस्ट्रोनॉमी डिपार्टमेंट की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ अलका मिश्रा द्वारा वायरस महामारी के कारण मनुष्य को कौन-कौन से चैलेंज का सामना करना पड़ रहा है इस पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने इस महामारी के सामाजिक तथा वाणिज्यिक दुष्प्रभाव के बारे में बताया। उन्होंने कहा की लॉक डाउन पीरियड में सभी की मानसिक हेल्थ प्रभावित होती है तथा निगेटिविटी की भावनाएं आती हैं। इस कठिन समय में हम सभी लोग पॉजिटिविटी बनाए रखें।