- सीएम बाल सेवा योजना का सहारा बना हौंसला
- मां कैंसर से तो पिता को कोविड ने छीना
- गरिमा ने हाईस्कूल में 92% अंक किए हासिल
- DM ने सम्मानित कर हौंसला बढ़ाया
कानपुर नगर/VMN(RAJAT SAXENA)। कोविड महामारी में माता-पिता को खोने के बावजूद बिठूर क्षेत्र के रमेल नगर की गरिमा सिंह ने हिम्मत नहीं हारी और हाईस्कूल परीक्षा में 92 प्रतिशत अंक हासिल कर उल्लेखनीय सफलता दर्ज की है। उनकी इस उपलब्धि ने विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष कर रहे अन्य बच्चों के लिए प्रेरणा प्रस्तुत की है।
स्कॉलर मिशन स्कूल की छात्रा गरिमा के पिता अरविंद सिंह का निधन कोविड काल में हुआ था, जबकि उनकी माता संगीता सिंह का देहांत इससे पूर्व ब्लड कैंसर के कारण हो चुका था। कम उम्र में ही माता-पिता का साया उठ जाने के बाद भी गरिमा ने अपनी पढ़ाई जारी रखी।
गरिमा को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड) और पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना के तहत आर्थिक सहायता मिल रही है। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत उन्हें प्रति माह चार हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाती है, जो वर्ष में दो किस्तों में दी जाती है। वहीं पीएम केयर्स योजना के तहत 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का प्रावधान है।
प्रशासनिक स्तर पर भी गरिमा को लगातार मार्गदर्शन मिला। गत वर्ष दीपावली के अवसर पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने उनसे मुलाकात कर उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया था। इसका सकारात्मक असर उनकी शैक्षणिक उपलब्धि में दिखाई दिया।
सफलता प्राप्त करने के बाद गरिमा सिंह ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी से मुलाकात की। जिलाधिकारी ने उन्हें बधाई देते हुए उपहार प्रदान किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत ऐसे बच्चों के लिए जिलाधिकारी को अभिभावक के रूप में नामित किया जाता है, जिनके माता-पिता नहीं हैं। गरिमा की सफलता यह दर्शाती है कि समय पर मिली सहायता और दृढ़ संकल्प से किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है।



