ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा के निर्देश पर फैसला
- उपभोक्ताओं को राहत के साथ नई व्यवस्था लागू
लखनऊ /VMN(RAJAT SAXENA)। उत्तर प्रदेश में लंबे समय से विवादों में रही स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था पर आखिरकार सरकार ने निर्णायक कदम उठाते हुए इसे समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा के निर्देश के बाद अब राज्यभर में लगाए गए स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड से पोस्टपेड मोड में बदला जाएगा। साथ ही, नए बिजली कनेक्शनों में प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता भी खत्म कर दी गई है।
यह फैसला उन लाखों उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आया है, जो लंबे समय से प्रीपेड प्रणाली की तकनीकी समस्याओं और बार-बार रिचार्ज की बाध्यता से परेशान थे। प्रदेश के कई जिलों में इस व्यवस्था के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी सामने आए थे।
🔌 विवाद की जड़: बिना सहमति बदले गए मीटर
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा केंद्र सरकार की Revamped Distribution Sector Scheme (RDSS) के तहत बड़े स्तर पर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे थे।
लेकिन उपभोक्ताओं की सहमति के बिना ही इन मीटरों को प्रीपेड मोड में बदले जाने से असंतोष बढ़ा।
सितंबर 2025 से नए कनेक्शन प्रीपेड मीटर के साथ ही दिए जा रहे थे
रिचार्ज खत्म होते ही बिजली कटने की शिकायतें आम थीं
सर्वर और नेटवर्क समस्याओं ने स्थिति को और जटिल बना दिया।
⚡ तकनीकी खामियों ने बढ़ाई परेशानी
प्रीपेड मीटरों में सामने आई प्रमुख समस्याएं:
- रिचार्ज अपडेट में देरी और सर्वर डाउन
- गलत बिलिंग व बैलेंस कटौती
- ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की कमी
- तकनीकी सहायता का अभाव
इन खामियों के चलते सरकार को व्यवस्था पर पुनर्विचार करना पड़ा।
📍 कानपुर में असर
1.30 लाख मीटर होंगे पोस्टपेड
राज्य के फैसले का सीधा असर औद्योगिक शहर कानपुर में देखने को मिलेगा।
केस्को के अनुसार:
(1)शहर में लगे 1.61 लाख स्मार्ट मीटरों में से 1.30 लाख प्रीपेड मीटर अब पोस्टपेड में बदले जाएंगे।
(2) करीब 31 हजार मीटर पहले से पोस्टपेड हैं, जिन्हें यथावत रखा जाएगा।
(3) इसके अलावा 2018 के बाद लगे लगभग 1.58 लाख 2G प्रीपेड मीटर भी अब पोस्टपेड होंगे।
(4) 4G नेटवर्क आधारित मीटरों में भी बदलाव किया जाएगा।
💡 बदलेगी बिलिंग व्यवस्था
पोस्टपेड प्रणाली लागू होने के बाद:
- उपभोक्ताओं को हर महीने खपत के आधार पर बिल मिलेगा।
- मीटर रीडर के बजाय डिजिटल सर्वर से बिल तैयार होगा।
- एसएमएस के जरिए बिल की सूचना भेजी जाएगी।
- भुगतान ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यमों से किया जा सकेगा।
🏠 विकल्प के तौर पर जारी रहेगा प्रीपेड
हालांकि अनिवार्यता खत्म कर दी गई है, लेकिन प्रीपेड विकल्प पूरी तरह बंद नहीं होगा। केस्को के अनुसार:
हर महीने 10–15% उपभोक्ता स्वेच्छा से प्रीपेड मीटर चुनते हैं। किरायेदारों के लिए यह व्यवस्था अभी भी उपयोगी मानी जाती है।
🔒 सिक्योरिटी मनी फिर देनी होगी
प्रीपेड से पोस्टपेड में बदलाव के साथ उपभोक्ताओं को दोबारा सिक्योरिटी जमा करनी होगी: - 2 किलोवाट तक घरेलू: ₹300 प्रति किलोवाट
3 किलोवाट से अधिक घरेलू: ₹400 प्रति किलोवाट
कॉमर्शियल: ₹1000 प्रति किलोवाट
📊 यूपी की बिजली व्यवस्था:
- उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के तहत प्रदेश में 3.3 करोड़ से अधिक उपभोक्ता
- RDSS योजना के तहत 2 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य
2023–24 में बिजली खपत 1.6 लाख मिलियन यूनिट से अधिक
🗣️ क्या कहते हैं अधिकारी
“सभी मीटरों को पोस्टपेड में बदलने की प्रक्रिया उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड की तय गाइडलाइन के अनुसार चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी।”
📌 आगे की चुनौती
हालांकि सरकार ने प्रीपेड सिस्टम पर रोक लगा दी है, लेकिन स्मार्ट मीटर परियोजना जारी रहेगी।
अब फोकस होगा:
पारदर्शी और सटीक बिलिंग
मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर
उपभोक्ताओं का भरोसा वापस जीतना। प्रदेश सरकार का यह फैसला उपभोक्ताओं की परेशानियों को देखते हुए लिया गया अहम कदम है। कानपुर समेत पूरे यूपी में इसका असर साफ दिखेगा। अब देखना होगा कि नई पोस्टपेड व्यवस्था कितनी प्रभावी साबित होती है और बिजली विभाग उपभोक्ताओं का भरोसा किस हद तक बहाल कर पाता है।



