Saturday, June 13, 2026
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    दिव्यांगों को रेलवे का डिजिटल तोहफा

    नई दिल्ली/VMN(RAJAT KUMAR) भारतीय रेलवे ने दिव्यांग यात्रियों की वर्षों पुरानी परेशानी दूर करते हुए एक बड़ी राहत दी है। अब रियायती रेल टिकट बनवाने के लिए उन्हें रेलवे स्टेशन के आरक्षण काउंटरों पर लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। रेलवे ने दिव्यांगता प्रमाणपत्र और यूडीआईडी (यूनीक डिसेबिलिटी आईडी) कार्ड को ऑनलाइन प्रणाली से जोड़ दिया है, जिससे पात्र यात्री घर बैठे ही रियायती टिकट बुक कर सकेंगे।
    रेलवे के इस फैसले से देश के लगभग 1.5 करोड़ दिव्यांग नागरिकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। अब तक रियायत पाने के लिए यात्रियों को बार-बार रेलवे काउंटर पर जाकर दस्तावेजों का सत्यापन कराना पड़ता था, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो जाएगी।
    अब नहीं लगाने पड़ेंगे काउंटर के चक्कर
    रेलवे द्वारा दिव्यांगता प्रमाणपत्र और यूडीआईडी कार्ड को आईआरसीटीसी की ऑनलाइन प्रणाली से जोड़ा गया है। एक बार दस्तावेजों का सत्यापन हो जाने के बाद दिव्यांग यात्री अपने घर से ही रियायती टिकट बुक कर सकेंगे। इससे समय, धन और श्रम तीनों की बचत होगी।
    किस श्रेणी में कितनी मिलेगी छूट?
    रेलवे के मौजूदा नियमों के अनुसार पात्र दिव्यांग यात्रियों को विभिन्न श्रेणियों में यात्रा किराये पर विशेष रियायत मिलेगी—
    🔹 स्लीपर, एसी चेयर कार और एसी-3 टियर में दिव्यांग यात्री एवं उनके सहायक को 75 प्रतिशत तक की छूट।
    🔹 फर्स्ट क्लास और सेकेंड क्लास में 50 प्रतिशत तक की रियायत।
    🔹 राजधानी, शताब्दी और दुरंतो एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों के एसी-3 कोच में 25 प्रतिशत तक की छूट।
    🔹 अमृत भारत ट्रेनों के स्लीपर और द्वितीय श्रेणी कोच में भी 75 प्रतिशत तक की रियायत का लाभ।
    हालांकि फर्स्ट एसी और एसी-2 टियर जैसी कुछ प्रीमियम श्रेणियों में यह सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।
    सम्मानजनक और सुगम यात्रा की दिशा में बड़ा कदम
    दिव्यांगजन लंबे समय से रियायती टिकट व्यवस्था को पूरी तरह ऑनलाइन किए जाने की मांग कर रहे थे। रेलवे का यह निर्णय न केवल उनकी यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि उन्हें बार-बार कार्यालयों और आरक्षण केंद्रों के चक्कर लगाने से भी मुक्ति दिलाएगा।
    विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल “डिजिटल इंडिया” और “सुगम्य भारत अभियान” की भावना को मजबूत करेगी। इससे दिव्यांगजन अधिक आत्मनिर्भर बनेंगे और उन्हें सम्मानजनक, सुविधाजनक तथा किफायती यात्रा का लाभ मिल सकेगा।
    अब क्या करना होगा?
    ✔ यूडीआईडी कार्ड या दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनवाएं।
    ✔ आईआरसीटीसी खाते से दस्तावेज लिंक कराएं।
    ✔ ऑनलाइन सत्यापन पूरा होने के बाद सीधे रियायती टिकट बुक करें।
    ✔ स्टेशन पर दस्तावेज सत्यापन की झंझट से छुटकारा पाएं।

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