रामादेवी से गोल चौराहा तक जीटी रोड के ऊपर बनेगी 10.160 किमी. लंबी फोरलेन एलिवेटेड रोड
कानपुर नगर/VMN(RAJAT SAXENA)। कानपुर को जाम से मुक्ति दिलाने की दिशा में सांसद रमेश अवस्थी की बड़ी पहल अब धरातल पर उतरने जा रही है। वर्षों से लंबित रामादेवी से गोल चौराहा तक जीटी रोड के ऊपर बनने वाली 10.160 किलोमीटर लंबी फोरलेन एलिवेटेड रोड परियोजना का भूमि पूजन 25 मई को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी करेंगे। करीब 988.30 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को कानपुर के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में माना जा रहा है।
इस परियोजना को मंजूरी दिलाने और केंद्र सरकार से स्वीकृति प्राप्त कराने में सांसद रमेश अवस्थी की सक्रिय भूमिका चर्चा का विषय बनी हुई है।

सांसद अवस्थी लगातार केंद्रीय मंत्रालय के संपर्क में रहे और उन्होंने कानपुर की यातायात समस्या को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाया। उनके प्रयासों के बाद फरवरी में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस परियोजना को मंजूरी दी थी।
सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि यह परियोजना केवल एक सड़क निर्माण योजना नहीं, बल्कि कानपुर की यातायात व्यवस्था को नई पहचान देने वाला विकास मॉडल है। उन्होंने बताया कि 10 किलोमीटर से अधिक लंबाई वाली इस एलिवेटेड रोड का अधिकांश हिस्सा कानपुर नगर लोकसभा क्षेत्र में आता है, जिससे लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

“कानपुर को मिलेगा जाम से स्थायी समाधान”
सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के सहयोग से कानपुर तेजी से आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर वाले शहर के रूप में विकसित हो रहा है। उन्होंने कहा कि एलिवेटेड रोड बनने के बाद रामादेवी से गोल चौराहा तक लगने वाले भारी जाम से स्थायी राहत मिलेगी और यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।
जरीब चौकी बनेगा शहर का पहला एलिवेटेड चौराहा
रामादेवी से गोल चौराहा तक बनने वाली एलिवेटेड रोड और जरीब चौकी से मंधना तक प्रस्तावित एलिवेटेड रेलवे ट्रैक मिलकर कानपुर की ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरह बदल देंगे। जरीब चौकी पर सेतु निगम के फ्लाईओवर और नई एलिवेटेड रोड के क्रॉस होने से शहर का पहला “एलिवेटेड चौराहा” तैयार होगा।
परियोजना के पूरा होने के बाद जीटी रोड पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम होगा और शहर के व्यापारिक, औद्योगिक एवं आवागमन ढांचे को नई गति मिलेगी। पीडब्ल्यूडी एनएच खंड जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगा और निर्माण कार्य लगभग दो वर्षों में पूरा होने की संभावना है।



