स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत
कानपुर/लखनऊ(VMN)। उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था खत्म कर दोबारा पोस्टपेड सिस्टम लागू किए जाने के बाद लाखों बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने फैसला लिया है कि पोस्टपेड किए गए स्मार्ट मीटरों की सिक्योरिटी मनी अब एकमुश्त नहीं, बल्कि चार आसान किस्तों में बिजली बिल के साथ वसूली जाएगी। साथ ही यह राशि नई नहीं बल्कि पुरानी दरों पर ही ली जाएगी। प्रदेश के करीब 85 लाख उपभोक्ताओं को इस फैसले से सीधा लाभ मिलेगा।
क्यों फिर से ली जा रही सिक्योरिटी मनी?
जब पोस्टपेड स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड में बदला गया था, तब उपभोक्ताओं की जमा सिक्योरिटी राशि उनके बिजली रीचार्ज बैलेंस में समायोजित कर वापस कर दी गई थी। अब सरकार ने प्रीपेड व्यवस्था समाप्त कर मीटरों को दोबारा पोस्टपेड मोड में परिवर्तित कर दिया है, इसलिए उपभोक्ताओं से फिर सिक्योरिटी मनी जमा कराई जाएगी।
हालांकि उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए यूपीपीसीएल ने इसे चार मासिक किस्तों में लेने का निर्णय किया है।
जुलाई से शुरू होगी वसूली
10 जुलाई को आने वाले बिल में पहली किस्त जोड़ी जाएगी। अक्टूबर तक चारों किस्तों में पूरी राशि जमा हो जाएगी।
केस्को के मीडिया प्रभारी एवं एक्सईएन देवेंद्र वर्मा ने बताया कि उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है ताकि किसी पर एक साथ अतिरिक्त भार न पड़े।
कितनी देनी होगी सिक्योरिटी मनी?
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए
घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए सिक्योरिटी मनी की दरें भी तय कर दी गई हैं। बिजली विभाग के अनुसार दो किलोवाट तक के घरेलू कनेक्शन पर ₹300 प्रति किलोवाट के हिसाब से सिक्योरिटी मनी जमा करनी होगी, जबकि तीन किलोवाट या उससे अधिक लोड वाले कनेक्शनों पर ₹400 प्रति किलोवाट की दर लागू होगी।
उदाहरण के तौर पर, दो किलोवाट के कनेक्शन पर कुल ₹600 सिक्योरिटी मनी बनेगी, जिसे चार किस्तों में हर माह ₹150 के रूप में जमा कराया जाएगा। इसी तरह तीन किलोवाट पर ₹1200 की सिक्योरिटी राशि बनेगी और उपभोक्ता को प्रति माह ₹300 जमा करने होंगे। चार किलोवाट कनेक्शन पर कुल ₹1600 सिक्योरिटी मनी तय की गई है, जिसकी मासिक किस्त ₹400 होगी, जबकि पांच किलोवाट के घरेलू कनेक्शन पर ₹2000 सिक्योरिटी राशि बनेगी और इसे चार महीनों तक ₹500 प्रति माह के हिसाब से वसूला जाएगा।
कॉमर्शियल कनेक्शन पर
व्यावसायिक उपभोक्ताओं से ₹1000 प्रति किलोवाट के हिसाब से सिक्योरिटी मनी ली जाएगी। यह राशि भी चार किस्तों में वसूली जाएगी।
अब नहीं कराना होगा रीचार्ज
फोर-जी नेटवर्क आधारित स्मार्ट मीटर अब पूरी तरह पोस्टपेड मोड में संचालित होंगे। यानी उपभोक्ताओं को अब बार-बार बिजली रीचार्ज कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
नई व्यवस्था के तहत:
हर महीने की 10 तारीख को बिल जारी होगा। 25 तारीख तक भुगतान करना होगा। निर्धारित समय के सात दिन बाद बकाया रहने पर कनेक्शन काटा जा सकेगा
नई दरों पर जमानत लेने का आदेश वापस
पहले यूपीपीसीएल ने नई दरों के अनुसार सिक्योरिटी मनी लेने का आदेश जारी किया था, लेकिन उपभोक्ताओं के विरोध के बाद यह आदेश वापस ले लिया गया। अब पुरानी दरों पर ही जमानत राशि जमा कराई जाएगी।
ऊर्जा विभाग के इस फैसले को उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। उपभोक्ता परिषद ने इसे जनता की एकजुटता की जीत बताया है।
- 85 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगा फायदा
- प्रदेश में 27 अप्रैल 2026 तक:
85.23 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं - इनमें से 84.49 लाख पोस्टपेड मीटरों को प्रीपेड में बदला गया था
- अब इन्हें दोबारा पोस्टपेड व्यवस्था में लाया जा रहा है।
जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।



