Wednesday, September 23, 2026
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    प्रधानमंत्री पर अभद्र टिप्पणी, नोएडा में ज़ीरो FIR 

    जांच के लिए दिल्ली भेजा गया केस
    नोएडा/VMN(RAJAT SAXENA)। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित रूप से कैमरे पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक्सप्रेसवे थाना में ज़ीरो FIR दर्ज की है। मामला दिल्ली क्षेत्र का होने के कारण इसे आगे की विवेचना के लिए दिल्ली पुलिस को स्थानांतरित कर दिया गया है।
    शिकायत के अनुसार, मूल रूप से हरियाणा के फरीदाबाद जिले के ऊंचागांव की रहने वाली युवती वर्तमान में नोएडा के सेक्टर-168 स्थित एक सोसायटी में रहती थी और ब्यूटी पार्लर संचालित करती है। बताया गया है कि उसने इसी वर्ष जनवरी में नोएडा में फ्लैट खरीदा था। घटना के बाद से युवती और उसके परिजन घर से अनुपस्थित बताए जा रहे हैं तथा पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
    शिकायतकर्ता स्मृति सिंह, जो गाजियाबाद के वसुंधरा की निवासी एवं सर्वोच्च न्यायालय में अधिवक्ता हैं, ने आरोप लगाया कि 23 जुलाई 2026 को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान युवती ने भारत के प्रधानमंत्री के विरुद्ध सार्वजनिक रूप से अभद्र एवं आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। शिकायत में कहा गया है कि इस कृत्य से संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंची तथा लोक शांति प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हुई।
    पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 352, 353(1) और 356(1) के तहत ज़ीरो FIR संख्या-001 दर्ज की। उपलब्ध FIR के अनुसार यह 29 जुलाई 2026 को शाम 6:19 बजे एक्सप्रेसवे थाना, गौतमबुद्ध नगर में दर्ज की गई और बाद में क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) के आधार पर दिल्ली पुलिस को भेज दी गई।
    क्या होती है ज़ीरो FIR?
    ज़ीरो FIR (Zero FIR) ऐसी प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) होती है जिसे किसी भी पुलिस थाने में दर्ज कराया जा सकता है, चाहे अपराध उस थाने के क्षेत्राधिकार में हुआ हो या नहीं।
    मुख्य प्रावधान
    इसका उद्देश्य पीड़ित या शिकायतकर्ता को तत्काल राहत देना और पुलिस कार्रवाई में देरी रोकना है।
    FIR दर्ज करने के बाद संबंधित थाना इसे उस थाने को भेज देता है, जहां वास्तव में घटना हुई है।
    ज़ीरो FIR में शुरुआत में नियमित FIR नंबर के स्थान पर “0” (Zero) या विशेष क्रमांक दिया जाता है, जिसे संबंधित थाना बाद में अपने नियमित FIR नंबर में परिवर्तित करता है।
    पुलिस केवल क्षेत्राधिकार का हवाला देकर शिकायत दर्ज करने से इंकार नहीं कर सकती।
    कानूनी आधार
    भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 173 के तहत FIR दर्ज करने का प्रावधान है।
    यदि अपराध किसी अन्य थाना क्षेत्र का हो, तो प्रारंभिक FIR दर्ज कर उसे सक्षम पुलिस थाने को अग्रेषित किया जाता है। यही व्यवस्था व्यवहार में ज़ीरो FIR के रूप में जानी जाती है।
    ज़ीरो FIR कब उपयोगी होती है?
    दूसरे शहर या राज्य में हुई घटना।
    महिला, बच्चे या गंभीर अपराध के मामलों में तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता।
    ऐसी स्थिति, जहां क्षेत्राधिकार तय होने में समय लग सकता हो।

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