कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन परीक्षा (CBT) में सफलता पाने के लिए अपनाएं स्मार्ट तरीका तभी तेज दौड़ती प्रतियोगिता में सफलता हासिल की जा सकती है। आज ज्यादातर परीक्षाओं को आनलाइन किये जाने की तैयारियां चल रही हैं। इसमें सफलता हासिल करने की होशियारी चाहिए होती या कह सकते स्मार्टनेस –

1. कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) क्या है?
CBT (Computer Based Test) वह परीक्षा है जिसमें प्रश्न-पत्र और उत्तर पुस्तिका दोनों कंप्यूटर स्क्रीन पर उपलब्ध होते हैं। अभ्यर्थी को माउस या कीबोर्ड की सहायता से उत्तर चुनना होता है। आज एसएससी, रेलवे, बैंक, यूपीएससी की कई प्रारंभिक परीक्षाएं, राज्य लोक सेवा आयोग, विश्वविद्यालय तथा निजी कंपनियों की अधिकांश भर्ती परीक्षाएं इसी माध्यम से आयोजित की जाती हैं।
फायदे
♠परिणाम जल्दी मिलता है।
♠पारदर्शिता बढ़ती है।
♠प्रश्नों का यादृच्छिक (Random) वितरण होता है।
♠उत्तर तुरंत रिकॉर्ड हो जाते हैं।

2. परीक्षा शुरू होने से पहले की प्रक्रिया
ऑनलाइन परीक्षा में पहुंचते ही कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं—
♠एडमिट कार्ड और फोटो पहचान पत्र की जांच।
♠बायोमेट्रिक सत्यापन (फिंगरप्रिंट/फोटो)।
♠हस्ताक्षर एवं उपस्थिति दर्ज कराना।
♠निर्धारित कंप्यूटर सिस्टम आवंटित किया जाना।
♠परीक्षा से पहले स्क्रीन पर दिए गए निर्देश पढ़ना।
इन प्रक्रियाओं में समय लगता है इसलिए कम से कम 60 से 90 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें।

3. कंप्यूटर आवंटन
♠प्रत्येक अभ्यर्थी को एक निश्चित कंप्यूटर दिया जाता है।
ध्यान रखें—
♠बिना अनुमति सीट न बदलें।
♠अपने रोल नंबर की पुष्टि करें।
♠यदि स्क्रीन, माउस या कीबोर्ड में समस्या हो तो तुरंत निरीक्षक को सूचित करें।

4. लॉग-इन प्रक्रिया
निरीक्षक के निर्देश के बाद—
♠User ID/Roll Number दर्ज करें।
♠Password या जन्मतिथि भरें (यदि आवश्यक हो)।
♠सफल लॉग-इन के बाद परीक्षा स्क्रीन खुल जाएगी।
♠जब तक अनुमति न मिले, परीक्षा प्रारंभ न करें।

5. परीक्षा प्रारंभ होने से पहले
परीक्षा शुरू होने से पहले इन बातों पर विशेष ध्यान दें—
♠सभी निर्देश ध्यान से पढ़ें।
♠प्रश्नों की कुल संख्या देखें।
♠कुल समय नोट करें।
♠नेगेटिव मार्किंग है या नहीं, पहले समझ लें।
♠भाषा (हिंदी/अंग्रेजी) सही चुनी गई है या नहीं, जांच लें।

6. परीक्षा के दौरान स्क्रीन पर उपलब्ध सुविधाएं
अधिकांश CBT में ये विकल्प मिलते हैं—
♠Next (अगला प्रश्न)
♠Previous (पिछला प्रश्न)
♠Save & Next
♠Mark for Review
♠Question Palette (प्रश्न सूची)
♠Remaining Time (बचा हुआ समय)
♠इनका सही उपयोग करने से समय बचता है।

7. परीक्षा से पहले किन बातों का अभ्यास करें?
♠प्रतिदिन कम से कम एक ऑनलाइन मॉक टेस्ट दें।
♠माउस चलाने की गति बढ़ाएं।
♠स्क्रीन पर लंबे प्रश्न पढ़ने का अभ्यास करें।
♠टाइमर लगाकर प्रश्न हल करें।
♠ऑनलाइन कैलकुलेटर (यदि उपलब्ध हो) का अभ्यास करें।

8. मॉक टेस्ट के फायदे
मॉक टेस्ट देने से—
♠समय प्रबंधन बेहतर होता है।
गति बढ़ती है।
♠गलतियों की पहचान होती है।
♠आत्मविश्वास बढ़ता है।
♠वास्तविक परीक्षा जैसा अनुभव मिलता है।
♠तनाव कम होता है।

9. प्रत्येक मॉक टेस्ट के बाद क्या करें?
केवल टेस्ट देना पर्याप्त नहीं है।
हर टेस्ट के बाद स्वयं से पूछें—
कितने प्रश्न गलत हुए?
गलतियां किस विषय में हुईं?
समय कहां अधिक लगा?
कौन-से प्रश्न जल्दबाजी में गलत हुए?
अगली बार क्या सुधार करना है?
यही विश्लेषण सफलता की कुंजी है।

10. परीक्षा के दौरान अपनाने योग्य रणनीति
पहले आसान प्रश्न हल करें।
कठिन प्रश्नों को Review के लिए छोड़ दें।
एक प्रश्न पर 1–2 मिनट से अधिक समय न दें।
अंत में सभी Review प्रश्न देखें।
अंतिम 10 मिनट उत्तर जांचने के लिए रखें।
11. उपयोगी सुझाव
परीक्षा वाले दिन पर्याप्त नींद लें।
हल्का भोजन करें।
घबराहट से बचें।
परीक्षा कक्ष में दूसरों पर ध्यान न दें।
केवल अपनी स्क्रीन पर ध्यान रखें।
समय-समय पर घड़ी देखते रहें।
प्रश्न पूरा पढ़कर ही उत्तर दें।
12. सामान्य गलतियों से बचें
कठिन प्रश्नों में उलझ जाना।
बिना पढ़े उत्तर चुन लेना।
नेगेटिव मार्किंग भूल जाना।
समय का गलत प्रबंधन।
जल्दबाजी में गलत क्लिक करना।
अंतिम समय में उत्तरों की समीक्षा न करना।
निर्देश पढ़े बिना परीक्षा शुरू कर देना।

13. यदि तकनीकी समस्या आ जाए तो क्या करें?
यदि परीक्षा के दौरान—
कंप्यूटर बंद हो जाए,
माउस काम न करे,
कीबोर्ड खराब हो जाए,
स्क्रीन फ्रीज हो जाए,
तो घबराएं नहीं। तुरंत निरीक्षक को बुलाएं। स्वयं सिस्टम बंद या रीस्टार्ट करने का प्रयास न करें। परीक्षा प्रबंधन टीम ऐसी स्थिति में आपकी सहायता करती है।

14. परीक्षा समाप्त होने के बाद
समय समाप्त होने पर उत्तर स्वतः सबमिट हो सकते हैं या Submit बटन दबाना पड़ सकता है।
सबमिट करने के बाद दोबारा उत्तर बदलना संभव नहीं होता।
परीक्षा समाप्त होने तक अपनी सीट न छोड़ें।
निरीक्षक के निर्देश मिलने पर ही बाहर जाएं।



