कानपुर में मोमोज का ऐसा सच, जिसे जानकर दोबारा ऑर्डर करने से पहले सोचेंगे…
- कानपुर में मोमोज पर बड़ा खुलासा
- गंदगी के बीच तैयार हो रहा था मोमोज
- जांच में चौंकाने वाले हालात आए सामने
कानपुर नगर/VMN (RAJAT SAXENA)। शाम ढलते ही शहर की गलियों में लगने वाली भीड़, भाप उड़ाती प्लेटें और चटपटी चटनी का स्वाद… लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस मोमोज का स्वाद आपको लुभा रहा है, वह आपकी सेहत के लिए कितना बड़ा खतरा बन सकता है?

बुधवार को कानपुर में हुई एक कार्रवाई ने इसी सवाल को और गहरा कर दिया। जिलाधिकारी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने जब शहर की कुछ मोमोज निर्माणशालाओं में दस्तक दी तो जो दृश्य सामने आए, उन्होंने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया।

रावतपुर और साकेत नगर स्थित तीन निर्माणशालाओं में मोमोज गंदगी के बीच तैयार किए जा रहे थे। उनके साथ परोसी जाने वाली चटनी भी अस्वच्छ और संदिग्ध परिस्थितियों में रखी मिली। जांच के दौरान लगभग 115 किलोग्राम संदिग्ध चटनी नष्ट कराई गई, कई नमूने प्रयोगशाला भेजे गए और तीनों निर्माणशालाओं का संचालन तत्काल बंद करा दिया गया। मसवानपुर क्षेत्र में ठेलों पर बिक रहे रंगीन फिंगर चिप्स और रंगीन चटनी भी नष्ट कराई गई।

विशेषज्ञों के अनुसार, गंदगी में तैयार भोजन और लंबे समय तक खुले में रखी चटनी में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। ऐसे खाद्य पदार्थ फूड पॉइजनिंग, उल्टी-दस्त, पेट के संक्रमण, टायफाइड और अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। यदि रंगों या अन्य सामग्री का प्रयोग मानकों के विपरीत किया जाए तो स्वास्थ्य पर दीर्घकालिक दुष्प्रभाव भी पड़ सकते हैं।
हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि हर मोमोज स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं होता। स्वच्छ, लाइसेंसधारी और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने वाले प्रतिष्ठानों में तैयार मोमोज सामान्य रूप से सुरक्षित हो सकते हैं। खतरा तब पैदा होता है जब उनका निर्माण और भंडारण अस्वच्छ परिस्थितियों में किया जाए।

सहायक आयुक्त (खाद्य) संजय प्रताप सिंह ने कहा कि जनस्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सावधानी आपकी, सुरक्षा आपके परिवार की
सड़क किनारे या किसी भी प्रतिष्ठान से मोमोज खरीदते समय साफ-सफाई, खाद्य पंजीकरण और ताजा भोजन पर अवश्य ध्यान दें। स्वाद का एक पल, लापरवाही होने पर लंबे इलाज की वजह भी बन सकता है।



