
विश्व टाइगर दिवस विशेष
विश्व टाइगर दिवस: वंदे मातरम् न्यूज़ पर रजत सक्सेना की खास रिपोर्ट।
“यदि धरती से बाघ खत्म हो गए, तो समझिए जंगलों का भविष्य भी खतरे में है।” यही संदेश देता है विश्व टाइगर दिवस, जो हर वर्ष 29 जुलाई को मनाया जाता है। वर्ष 2010 में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित वैश्विक टाइगर सम्मेलन के बाद इस दिवस की शुरुआत हुई थी। इसका उद्देश्य दुनिया भर में तेजी से घटती बाघों की संख्या को बचाना और उनके प्राकृतिक आवास का संरक्षण करना है।
भारत के लिए यह दिन गर्व का विषय है। आज दुनिया के लगभग 70 प्रतिशत जंगली बाघ भारत में पाए जाते हैं। यही कारण है कि भारत को विश्व में बाघ संरक्षण का सबसे सफल मॉडल माना जाता है।

दुनिया में टाइगर की कितनी प्रजातियां हैं?
वैज्ञानिकों के अनुसार टाइगर की मूल रूप से 9 उप-प्रजातियां (Subspecies) थीं। इनमें से 3 हमेशा के लिए विलुप्त हो चुकी हैं, जबकि 6 आज भी जीवित हैं।
जीवित उप-प्रजातियां
बंगाल टाइगर – भारत, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश
अमूर (साइबेरियन) टाइगर – रूस, चीन
इंडोचाइनीज़ टाइगर – थाईलैंड, म्यांमार
मलायन टाइगर – मलेशिया
सुमात्रन टाइगर – इंडोनेशिया (सुमात्रा)
दक्षिण चीन टाइगर – चीन (जंगली अवस्था में लगभग विलुप्त)
विलुप्त उप-प्रजातियां
बाली टाइगर
जावा टाइगर
कैस्पियन टाइगर
विश्व में कहां-कहां पाए जाते हैं टाइगर?
आज जंगली बाघ केवल 13 देशों में पाए जाते हैं—
भारत, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, रूस, चीन, थाईलैंड, म्यांमार, मलेशिया, इंडोनेशिया, लाओस, कंबोडिया और वियतनाम।
भारत बना दुनिया का ‘टाइगर कैपिटल’
भारत में वर्तमान अनुमानित 3,682 जंगली बाघ हैं। वर्ष 1973 में शुरू हुई प्रोजेक्ट टाइगर योजना आज दुनिया की सबसे सफल वन्यजीव संरक्षण परियोजनाओं में गिनी जाती है। वर्तमान में देश में 58 टाइगर रिजर्व हैं, जो 18 राज्यों में फैले हुए हैं।

देश के प्रमुख टाइगर रिजर्व और बाघों की संख्या
टाइगर रिजर्व/राज्य/अनुमानित बाघ
कॉर्बेट/उत्तराखंड/231
बांदीपुर/कर्नाटक/150+
नागरहोल/कर्नाटक/141
बांधवगढ़/मध्य प्रदेश/135+
कान्हा/मध्य प्रदेश/105+
रणथंभौर/राजस्थान/88+
ताडोबा-अंधारी/महाराष्ट्र/97+
काजीरंगा/असम/100+
सुंदरबन/पश्चिम बंगाल/100+
दुधवा/उत्तर प्रदेश/135+
पीलीभीत/उत्तर प्रदेश/65+
वाल्मीकि/बिहार/54+

भारत के 58 टाइगर रिजर्व किन राज्यों में हैं?
मध्य प्रदेश – 9
महाराष्ट्र – 6
राजस्थान – 5
कर्नाटक – 5
तमिलनाडु – 5
असम – 4
छत्तीसगढ़ – 4
उत्तर प्रदेश – 3
अरुणाचल प्रदेश – 3
उत्तराखंड – 2
केरल – 2
ओडिशा – 2
पश्चिम बंगाल – 2
तेलंगाना – 2
आंध्र प्रदेश – 1
बिहार – 1
झारखंड – 1
मिजोरम – 1
रोचक तथ्य:-
🐅 बाघ की दहाड़ लगभग 3 किलोमीटर दूर तक सुनी जा सकती है।
🐅 हर बाघ के शरीर की धारियां इंसानों के फिंगरप्रिंट की तरह अलग होती हैं।
🐅 बाघ पानी से नहीं डरता, बल्कि कई किलोमीटर तक तैर सकता है।
🐅 एक वयस्क नर बाघ का वजन 300 किलोग्राम तक हो सकता है।
🐅 भारत में हर चार वर्ष में ऑल इंडिया टाइगर एस्टीमेशन कैमरा ट्रैप और वैज्ञानिक पद्धति से किया जाता है।
बाघ केवल एक वन्यजीव नहीं, बल्कि पूरे जंगल का संतुलन बनाए रखने वाला शीर्ष शिकारी है। जहां बाघ सुरक्षित हैं, वहां जंगल सुरक्षित हैं; जहां जंगल सुरक्षित हैं, वहां नदियां, जलवायु और मानव जीवन भी सुरक्षित है। विश्व टाइगर दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का संकल्प है।
(स्रोत: राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण-NTCA, भारतीय वन्यजीव संस्थान, सेंट पीटर्सबर्ग टाइगर समिट-2010, ग्लोबल टाइगर इनिशिएटिव, ग्लोबल टाइगर फोरम, WWF)



